Top 5 Dalit News: दलितों के साथ लगातार हो रही यातनाओं की कहानी आप भी सुन रहे होंगे लेकिन जितनी रफ्तार से ये मामले आ रहे है उतनी ही धीमे गति से पुलिस कार्यवाई कर रही है। पुलिस चाहे कितने भी दावें न्याय दिलाने के कर लें, लेकिन न तो वो उत्पीड़न रोकने में सफल हो पा रही है.. औऱ न ही अपराधियों पर लगाम लगा पा रही है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।
चंद्र शेखर आजाद पहुंचे अमेरिका
1, दलितो से जुड़ा पहला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद और उनकी कथित एक्स प्रेमिका रोहिणी घावरी के बीच चल रहे विवाद को लेकर है। एक तरफ आजाद अमेरिका पहुंचे है बाबा साहब के सम्मान में आयोजित होने वाली कार्यक्रम में शामिल होने तो वहीं रोहिणी घावरी ने आजाद को सरेआम अमित शाह का कुत्ता कह कर अपमानित किया है। घावरी ने आजाद के अमेरिका दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि अमित शाह का पालतू कुत्ता अमेरिका जा कर चमारों की कारे दिखा रहा है.. अब जाटव समाज ग़रीब नहीं रहा .. अब राजनीतिक आरक्षण की ज़रूरत वाल्मीकि, धोबी, पासी, और धानुक समाजों को है..
इसलिए जरूरी है कि अब इस समाज के लोगो को नेता बनाया जाये। रोहिणी घावरी ने पहले ही बता दिया है कि वो आगामी विधानसभा चुनाव में सपा के साथ नजर आने वाली है, तो वहीं वो आजाद को बीजेपी का चमचा बता चुकी है जो कि सही मायने में दलितो के हितो के लिए नहीं बल्कि बीजेपी के लिए वोट काट रहे है।.. वैसे आजाद इन दिनों जिस एक्शन मोड में है.. उससे ये तो साफ हो ही जाता है कि आजाद वाकई में दलितों के नेता है या नहीं।
मुजफ्फरनगर में जातिगत अपमान से आहत युवक ने किया आत्मदाह
2, दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से है, जहां जातिगत अपमान से आहत होकर एक 22 साल के दलित युवक ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की.. ये घटना मुजफ्फरनगर के खतौली कोतवाली क्षेत्र के गंगधड़ी गांव की है.. करीब 30 प्रतिशत जल चुका पीड़ित हिमांशु गांव के ही गौरव राजपूत के यहां मजदूरी करता था, लेकिन काम के दौरान जब गौरव ने हिमांशु से फूलो की गाड़ी भरने के लिए कहा तो हिंमांशु ने ऐसा करने मना कर दिया।
जिससे गौरव काफी नाराज हो गया.. उसने हिमांशु के साथ मारपीट शुरु कर दी.. और उसे जातिसूचक गालियां भी दी.. हिमांशु इस अपमान से काफी आहत हो गया और उसने आत्मदाह की कोशिश की.. इस पूरी घटना का वीडियो भी शोसल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। वहीं खतौली के सीओ रामाशीष यादव ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत आरोपी के खिलाफ कार्यवाई करते हुए गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है, तो वहीं हिंमाशु की हालत गंभीर बनी हुई है, और उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जहां अभी भी उसका इलाज चल रहा है।
भदोही में दलित युवती का दो बार अपहरण
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के भदोही से है जहां जातिवादी दबंगो ने एक दलित युवती को उसकी शादी से ठीक 5 दिन पहले अपहरण कर लिया है। ये घटना भदोही के सूरियावां पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत फत्तुपुर गांव का है। पीड़ित परिवार न पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि गांव के 6 लोगों ने उनकी बेटी को अगवा किया है, इतना ही नहीं हैरानी की बात तो ये है कि पीड़िता का पहले भी 6 अप्रैल को अपहरण हुआ था, लेकिन उसे 11 अप्रैल को बरामद कर लिया गया था। पीड़िता की 20 अप्रैल को शादी होनी थी।
इसलिए घरवालों ने लोकलाज के डर से पुलिस को जानकारी नहीं दी थी, लेकिन आरोपियों ने 15 अप्रैल को फिर से अगवा कर लिया.. काफी खोजबीन करने के बाद भी जब बच्ची का पता नहीं चल सका तो पुलिस को इसकी सूचना दी गई। सर्कल ऑफिसर अशोक त्यागी ने लड़की की खोजबीन के लिए कई टीम बना कर सही सलामत बरामद करने के निर्देश दिये है। जब कि अभी तक लड़की का कोई पता नहीं चला है.. पुलिस दुश्मनी के अलावा प्रेम प्रसंग का एंगल देखते हुए भी जांच कर रही है। अब लड़की की बरामदगी के बाद ही सच सामने आयेगा।
झारखंड में भू माफियाओं का बोलबाला
4, दलितो से जुड़ा अगला मामला झारखंड के पलामू से है, जहां दलितो की जमीनो को हड़पने का खेल काफी तेजी से जारी है। ताजा मामला पलामू के मेदिनीनगर के सोतम डबरा गांव का है, जहां दलित परिवारों की लगभग 50 एकड़ जमीन को जबरन हड़प लिया है… जिसे लेकर पीड़ित परिवार ने आखिरकार पांकी के विधायक डॉ. कुशवाहा शिशि भूषण मेहता से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ितो ने बताया कि ये जमीन दशरथ मांझी के नाम से खातियानी है, जिसपर दलित परिवार सालो से खेतीबाड़ी कर रहे थे लेकिन 2025 में राकेश रंजन उर्फ मुकेश पांडे नाम के भू माफिया ने फर्जी तरीके से जमीन पर कब्जा कर लिया.. जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो वो उन्हें धमकियां दी रहे है।
जमीन कब्जा करने को लेकर पिछले साल दुर्गा पूजा के दौरान दलित संगठन और भू माफिया के गुंडो के बीच बुरी तरह से झड़प हुई थी। दलित समुदाय के लोगो ने इसकी शिकायत भी दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस वालो ने मामले को रफा दफा कर दिया। हालांकि पांकी के विधायक पीड़ितो की समस्या सुनने के बाद तुरंत कार्यवाई और जांच के आदेश दिये है, लेकिन देखना ये होगा कि क्या वाकई में दलित परिवार को उनका हक मिलेगा या यहां भी मामला ठंडे बस्ते में चला जायेगा।
बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी का बड़ा ऐलान
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला बिहार के पटना से है, जहां दलितो की समस्याओं को सुनने के लिए पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने हर जिले में ‘गरीब चौपाल’ लगाने की घोषणा की है। इसकी जानकारी खुद हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल में आयोजित आंबेडकर जयंती समारोह में दी। उन्होंने कहा कि गरीब चौपाल का उद्देश्य केवल दलितों और वंचितो को न्याय दिलाना ही नहीं होगा बल्कि शिक्षा में समानता और राजनीतिक भागीदारी की दिशा में काम किया जायेगा।
इस चौपाल के जरिए जातिगत भेदभाव को खत्म करने का प्रयास किया जायेगा..ताकि सामाजिक न्याय स्थापित हो। जीतनराम मांझी खुद के दलित परिवार से आते है, जो कि दलितो के एक मुख्य चेहरा भी है, उनकी ये घोषणा अगर सही मायने में धरातल पर उतरी तो उम्मीद है कि बिहार में दलित उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के मामलो में कुछ तो गिरावट आयेगी। वैसे आपको क्या लगता है कि क्या इस चौपाल से कुछ होगा या ये केवल वोटर्स को लुभाने मात्र के लिए हथकंडा है।



