Top 5 Dalit news: आज के समय में जिस तरह से दलित समाज के लोग मजबूती से राजनीति में खड़े होने की कोशिश कर रहे है, उसे देखकर क्या आपको भी लगता है कि बाबा साहब का वो सपना जरूर पूरा हो पायेगा.. जब दलितों को किसी के सहारे की जरूरत नहीं पड़ेगी. जब राजनीति दलित पूरे सम्मान और अधिकार के साथ उंचे ओहदे पर होंगे, तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बतायेंगे जो इस वक़्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।
आने वाले 10 साल में भीम आर्मी चीफ होंगे पीएम
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला मध्य प्रदेश से है जहां आने वाले समय में बीजेपी को पटखनी देने के लिए आजाद समाज पार्टी ने पूरी तरह से कमर कस ली है.. इतना ही नहीं ओबीसी फ्रंट के चीफ दामोदर सिंह यादव खुले तौर पर भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर की है बड़ी भविष्यवाणि.. जिससे जहां मनुवादियों के पेट में दर्द होगा तो वहीं दलित समाज की आंखो में चमक। दरअसल आजाद की यूपी और मध्य प्रदेश में बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए पहले ही ये कहा जा रहा है कि आगामी यूपी विधानसभा चुनावों में आजाद की ही लहर चलेगी औऱ अगले सीएम आजाद ही होंगे, तो वहीं अब दामोदर सिंह यादव ने दावा किया है कि आने वाले 10 सालों में वो चंद्र शेखर आजाद को देश के प्रधानमंत्री पद पर बिठा कर दम लेंगे।
यादव ने कहा कि उनका 30 साल का राजनीतिक अनुभव कहता है कि आजाद केवल यूपी के सीएम ही नहीं बल्कि देश के पीएम भी बनेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें यूपी और एमपी में किसी भी गठबंधन की जरूरत नहीं है। आजाद समाज पार्टी अपने दम पर आजाद को प्रधानमंत्री बना कर रहेगी। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही आजाद ने भी ये दावा किया था कि आने वाले 10 सालो में कोई अंबेडकरवादी ही पीएम होगा।
बाइक देने के बदले मांगा गुंड़ा टैक्स
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के आयोध्या से है, जहां पहले तो एक दलित युवक की बाइक छीन ली लेकिन जब उसने बाइक वापिस करने की अपील की तो उस पर गुंडा टैक्स लगा कर पैसे की मांग की गई। ये घटना आयोध्या के बीकानेर कोतवाली क्षेत्र के खजूरी गांव का है, शिकायतकर्ता सुल्तानपुर जनपद के वैजापुर शिवगढ़ का रहने वाला है, पीड़ित युवक ने एसएसपी को अर्जी देते हुए बताया कि उन्होंने अपनी बेटी दामाद को बजाज पल्सर बाइक शादी के उपहार के रूप में दी थी, लेकिन 30 मार्च को उनके बेटी दामाद बीकापुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गए हुए थे।
तभी कुछ दबंगो ने उन दोनो को जातिसूचक गालियां देने शुरु कर दी औऱ विरोध करने पर मारपीट भी की, लेकिन जब पुलिस आई तो दबंगो ने कहा कि बाइक की बकाया राशि बाकी है इसलिए जब्त किया गया था, जबकि 9 अप्रैल को सारा बकाया भी दे दिया गया, कंपनी ने एनओसी दे दी, मगर बाइक तब भी नहीं दी गई.. बाइक जब्त करने वाले रोमेश पटेल के पास है औऱ वो अब लौटाने के लिए गुंडा टैक्स की मांग कर रहा है। वहीं पुलिस वालो ने भी मदद करने से इंकार कर दिया था मगर अब एसएसपी के आदेश के बाद इस मामले की जांच शुरु कर दी गई है और अभी तक पीड़ित की बाइक उसे नहीं मिली है.. देखना ये होगा कि क्या पीड़ित को उसकी बाइक मिलेगी भी या नहीं।
मंदसौर में दलित की बारात पर जातिवादी आतंकियों का हमला
3, दलितों से जुड़ा अगला मध्य प्रदेश के मंदसौर से है, जहां दलितो की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है, जहां उनके लिए सम्मान तो छोड़िये वो थोड़ा सा अपने मन की करने कोशिश क्या कर रहे है उन्हें तुगलगी सजा दी रही है। ताजा मामला मंदसौर जिले के सीतामऊ थाना क्षेत्र के सारसी पिपलिया गांव का है, जब मेघवाल समाज के एक घर में शादी की खुशियां जातिवादी दबंगो के कारण मातम में बदल गई थी.. पीड़ित परिवार ने बताया कि उनके बेटे की शादी होनी थी जिससे पहले बिंदौली निकालने की रस्म की जा रही थी, लेकिन तभी गांव के कुछ उंची जाति वालो ने वहां आकर हंगामा शुरु कर दिया.. और मामला हिंसक हो गया।
लेकिन किसी अप्रिय घटना से पहले ही सीतामऊ पुलिस प्रशासन वहां पहुंच गया और जातिवादी आतंकियों को सबक सिखाते हुए दलित का बारात को अपनी सुरक्षा में निकाली.. जिसके लिए मेघवाल समाज काफी शुक्रगुजार भी है, वहीं सीतामऊ एसडीओपी दिनेश प्रजापति के मुताबित पुलिस ने अपनी निगरानी में शांति से बारात निकाली औऱ अभी भी वहां सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई है। वहीं इस मामले में शामिल दबंगो की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी पुलिस के शिकंजे में होंगे। हैरानी की बात है कि आज भी दलित समाज को अपनी खुशियों के लिए उंची जाति वालों की इजाजत का मोहताज होना पड़ता है। तो भला कहां है लोकतंत्र और कहां है न्याय।
कानपुर देहात में दलित युवक को बांध कर पीटा
4, दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर से है, जहां दलितों पर अत्याचार करने वाले केवल जातिवादी मनुवादी ही नही है बल्कि दूसरे समुदाय के लोग भी झूठे आऱोप लगा कर उनपर अपनी भड़ास निकाल रहे है। कानून की लचर व्यवस्था का एक नमूना अभी हाल ही में कानपुर देहात के गजनेर थाना क्षेत्र के सैंथा गांव में देखने को मिला है, जहां पुलिस को जानकारी मिली की एक दलित युवक अतुल को दूसरे समुदाय के कुछ लोग मस्जिद में तोड़ फोड़ करने का आरोप लगा कर बांध कर पीट रहे है। शोर सुनने के बाद कुछ हिंदुओ ने वहां पुलिस को जानकारी दी और दलित युवक को बचाया गया।
इतना ही नहीं इस मामले में इस मामले में पुलिस ने 2 आरोपियो को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दो अभी भी फरार है। वहीं सीओ सदर संजय सिंह के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी वायरल वीडियो के आधार पर की गई है, वहीं मामले की जांच जारी है, दलित युवक पर लगे आरोपो की भी जांच की जा रही है..जो भी इस मामले में आरोपी होगा उसे सजा जरूर मिलेगी। अब देखना ये होगा कि पुलिस कार्यवाई में दलित युवक पर लगे आरोप सही साबित होते है या ये केवल दलित को प्रताड़ित करने का नया तरीका है। लेकिन पुलिस के होते हुए भी अब लोग खुद ही कानून से खिलवाड़ कर रहे है।
कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला
5, दलितो से जुड़ा अगला मामला कर्नाटक से है , जहां लगातार दलित सीएम की मांग के बीच सीएम सिद्दाररमैया कैबिनेट ने अनूसूचित जाति के लोगो के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए आंतरिम आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसमें ‘वाम’, ‘दक्षिण’ और ‘अन्य’ समुदायों को शामिल किया गया है, जिसके अनुसार ‘लेफ्ट’ वाम श्रेणी को 5.25 प्रतिशत, ‘राइट’ दक्षिण श्रेणी को 5.25 प्रतिशत, और अन्य समुदायों के लिए 4.5 प्रतिशत आरक्षण घोषित किया गया है।
वहीं सरकार ने ये भी ऐलान किया की 2026 में वो 56,432 पदों पर नियुक्ति करेगी। सीएम ने भी कहा कि भविष्य में 50 प्रतिशत आरक्षण से 56 प्रतिशत करने की प्लानिंग की जा रही है। वहीं सरकार के इस फैसला राज्य कैबिनेट में दलित मंत्रियों ने दिल खोलकर स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से सभी 101 जातियों को न्याय मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि ये फैसला देश के लिए अन्य राज्य के लिए मिसाल बनेगा।



