स्कूल में दलित मासूम से साफ करवाया शौचालय
दलितों के साथ भेदभाव सदियों से चला आ रहा है। आज भी, कई जगहों पर यही भेदभाव देखने को मिलता है; यदि किसी बच्चे को पढ़ने के लिए स्कूल भेजा जाता है, तो उसे पढ़ाने के बजाय, उससे तरह-तरह के दूसरे काम करवाए जाते हैं। लेकिन मनुवादी मानसिकता रखने वाले शिक्षक उनको पढने नहीं देते है..जी हाँ, ऐसी ही खबर झारखंड (Jharkhand) के गढ़वा ज़िले (Garhwa district) में स्थित लावा चंपा गाँव (Lava Champa Village) के सरकारी स्कूल से है। एक सरकारी स्कूल में, एक दलित बच्चे को ज़बरदस्ती शौचालय साफ़ करने के लिए मजबूर किया गया । इस बीच, इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिससे स्कूल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।
झारखंड के गढ़वा जिले के लावा चंपा के एक सरकारी स्कूल में, एक दलित बच्चे से टॉयलेट साफ़ करवाया गया…#Jharkhand #GovtSchool #DalitNews #DalitRights #DalitNews #BheemSena @HemantSorenJMM pic.twitter.com/SVUZRxTMSL
— Bheem Sena (@BheemsenaBheem) April 29, 2026
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हेडमास्टर ने मामले पर दी सफाई
वही मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक स्कूल के हेडमास्टर ने अपनी ज़िम्मेदारी से पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया। और सफाई देते हुए, लावा चंपा स्कूल के हेडमास्टर छवि लाल सिंह ने कहा कि बच्चों ने अपनी मर्ज़ी से टॉयलेट साफ़ किए थे और उन्हें ऐसा करने के लिए किसी ने नहीं कहा था। दूसरी तरफ मामला सामने आने के बाद डिप्टी कमिश्नर अनन्या मित्तल ने इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया है।
अधिकारी ने जाँच के आदेश दिए हैं और कहा है कि रिपोर्ट के नतीजों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। हालंकि ये कोई पहला मामला नहीं है, जब स्कूल में इस तरह कि घटना सामने आई हो इससे पहले भी कांडी उच्च से ऐसी एक घटना सामने आई थी, जहाँ स्कूली बच्चे भीषण गर्मी में झाड़ू मारते दिखे थे। इसके अलवा आपको बता दें, यह शर्मनाक घटना जाति-आधारित भेदभाव की गहरी जड़ों वाली और लगातार बनी रहने वाली सच्चाई को पूरी तरह से उजागर करती है।



