Chandra Shekhar Azad Rally: भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं, और एक बार फिर उनसे जुड़ी एक ख़बर सामने आई है—इस बार, उन्हें मनुवादियों और विपक्षी सदस्यों को चुनौती देते हुए देखा जा रहा है। साथ ही वो 29 मार्च को लखीमपुर खीरी में सातवीं महारैली का ऐलान कर रहे हैं।
रैली करने के लिए जान से मारने की धमकियाँ
पिछले कुछ समय से चंद्रशेखर आज़ाद को अपनी रैलियों के संबंध में कई धमकियाँ मिल रही हैं। कभी ये धमकी उनकी एक्स गर्लफ्रेंड को लेकर होती है तो कभी विपक्षी नेताओ को लेकर हालाँकि, वे इन खोखली धमकियों से ज़रा भी नहीं डारते हैं और पूरी दृढ़ता के साथ अपनी रैलियाँ जारी रखे हुए हैं। इस बार भी भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद (Chandra Shekhar Azad Rally) को जहाँ एक तरफ आजाद को रैलियां करने पर जान से मारने की चेतावनी दी जा रही है तो वहीं आजाद की रैलियों में जमा होने वाली लाखों की भीड़ ने उनके हौसले और ज्यादा बुलंद कर दिए है। करनी सेना की धमकी के बाद भी आजाद ने 15 मार्च को बाराबंकी में जिस निडरता के साथ महारैली की थी, उसने बता दिया है कि अब दलित इन चंद मुट्ठीभर जातिवादी आतंकियों से डरने वाले नहीं है।
29 मार्च को लखीमपुर खीरी में रैली का आयोजन
अब दलित आंखों से आंखे मिलकर लड़ेंगे और जीतेंगे भी। इसी कड़ी ने आजाद ने फिर से उन्हें धमकी देने वालों के मुंह पर करारा तमाचा जड़ते हुए ऐलान किया है कि वो अब 29 मार्च को लखीमपुर खीरी में रैली करने जा रहे है, और यूपी में उनकी सातवीं महारैली होगी..उन्होंने मीडिया से लेकर हर उस इंसान को रैली में शामिल होने का निमंत्रण दिया है जो आजाद को नीचा गिराने की कोशिश कर रहे है।
आजाद के ऐलान के बाद से ही दलित समाज में एक नया जोश भर गया है तो वहीं आजाद की ये हुंकार बताती है कि 2027 में वो सत्ता में बड़ा हाथ मारने वाले है। इसके अलावा, हम आपको बताना चाहेंगे कि उन्हें अक्सर दलितों के न्याय के अधिकारों के लिए लड़ते हुए देखा जाता है। वेल उनकी लोकप्रियता देखकर आपको क्या लगता है क्या आजाद कुछ बड़ा करने वाले है ।



