Amethi news: हाल ही में उत्तर प्रदेश (UP) के अमेठी (Amethi) से एक हैरान और परेशान करने वाली खबर सामने आई है। जहाँ दलितों पर हो रहे अत्यचार को लेकर आजाद समाज पार्टी (Azad Samaj Party) के लोगो ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। इतना ही नहीं पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उप जिलाधिकारी (SDM) को एक ज्ञापन भी सौंपा है और दलित मुद्दों को लेकर अपनी मांग रखी है।
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दलित उत्पीड़न के खिलाफ प्रोटेस्ट
हर दिन, अखबारों में दलितों के खिलाफ अत्याचार और उत्पीड़न के कई मामले सामने आते हैं। हालाँकि, ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है—एक ऐसी हकीकत जिसके खिलाफ़ आज़ाद समाज पार्टी (ASP) ने बीते दिन सोमवार को अमेठी में विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा, पार्टी ने दलित समुदाय के लगातार हो रहे उत्पीड़न और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों के संबंध में उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) को एक ज्ञापन भी सौंपा।
मामलो में कोई FIR तक दर्ज नहीं
इसमें यह कहा गया था कि पिछले एक वर्ष के दौरान अमेठी, संग्रामपुर और मुंशीगंज थाना (Amethi, Sangrampur, and Munshiganj police station) क्षेत्रों में अनेक घटनाएँ घटित हुई हैं। हालाँकि, इन मामलों में अब तक न तो कोई FIR दर्ज की गई है और न ही किसी अन्य पुलिस कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।
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योगी सरकार पर लगाये आरोप
इस बीच, विरोध प्रदर्शन के दौरान ASPA के ज़िला अध्यक्ष हरीशचंद्र कोरी (Harishchandra Kori) ने योगी सरकार (Yogi Government) पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन की पुलिस अपराधों पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल रही है। नतीजतन, दलितों और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और बलात्कार की घटनाएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं; इसके बावजूद, पुलिस शिकायतें दर्ज करने से भी इनकार कर देती है। कार्रवाई करना तो दूर की बात है, मामलों को दर्ज करने में यही विफलता वह मुख्य कारण है जिसके चलते अपराधी बिना किसी डर के आज़ादी से घूम रहे हैं।
हरीशचंद्र कोरी ने अपनी आपबीती सुनाई
आगे बात करते हुए हरीशचंद्र कोरी अपनी आपबीती भी सुनाई कि वो किसी शादी के किसी फंक्शन में गए थे जहाँ दबंगों ने उनके साथ बतमीजी की और उनकी गाड़ी तोड़ दी। वही जब ओ इस मामले में शिकायत दर्ज करवाने गए तो पुलिस ने कोई शिकायत तक दर्ज नहीं की है। आपको बता दें, SDM को दिए गए ज्ञापन में विशेष रूप से भरथीपुर, दरखा, भादर लालशाह, शनिचरा, बानाहापुर, दरकाही ताली, मठिया और धौरहरा जैसे गांवों में हुई घटनाओं का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।
इसके अलवा मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक इस विरोध प्रदर्शन में अरुण अम्बेडकर, इश्तियाक अहमद, अजय गौतम, विनोद कुमार, अंकित कुमार, सतीश कश्यप और रामदेव सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। जिन्होंने दलित हक़ की मांग की है।



