Kerala news: कुछ समय पहले केरल से एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने नौकरी का झूठा वादा करके एक दलित महिला को बहलाया और उसका यौन शोषण किया। वही महिला ने इसका विरोध किया तो उसे जातिसूचक शब्द कह कर अपमानित भी किया गया था। जिसके बाद मिली सुचना के मुताबिक उसे कांग्रेस पार्टी से भी निकाल दिया गया था।
नौकरी का झांसा देकर यौन शोषण
केरल (Kerala) के पलक्कड़ ज़िले (Palakkad District) से खबर आई है, जहां एक दलित महिला के साथ नौकरी का झांसा देकर यौन उत्पीड़न करने का मामला सामने आने के बाद एक तरफ कांग्रेस ने पार्टी से निकाल दिया तो वहीं विशेष SC/ST अदालत ने कांग्रेस पार्षद प्रशोभ सी. वत्सन की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज कर दी.. केरल विधानसभा चुनाव से ठीक एक हफ्ते पहले कांग्रेस नेता के इस अपराध का पर्दाफाश होने के कारण कांग्रेस की छवि को काफी नुकसान हुआ है, वहीं दलित महिला के लगाये आरोपो के बाद पार्षद प्रशोभ सी. वत्सन (Councilor Prashob C. Vatsan) सफाई पेश करने के बजाय फरार हो गया।
और पढ़े: BNS Section 344: सावधान कर्मचारी! खातों में हेराफेरी की तो खैर नहीं, सीधे होगी जेल
जमानत यचिका ख़ारिज
जबकि पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। बता दें कि पीड़िता ने खुद कोर्ट (Court) में ये बयान दर्ज कराया कि वो पलक्कड़ शहर में ब्यूटीशियन का कोर्स करने आई थी, लेकिन इसी बीच पार्षद से उसकी जान पहचान हो गई.. उसने नौकरी का झांसा देकर घर पर, कार में औऱ होटल में उसका यौन शोषण किया था। इस खबर के सामने आने के बाद से हा कांग्रेस सवालों के घेरे में आ गई है। दबाव में आकर, कांग्रेस पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया।
दलित महिला ने इस घटना की शिकायत पत्र पहले मुख्यमंत्री सौपा था। जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जाँच शुरू की है। वही पार्षद प्रशोभ सी. वत्सन ने भी अपने लॉयर के माध्यम से जमानत याचिका फाइल की थी। जिसमें, अपनी बेगुनाही का दावा करते हुए, उन्होंने अदालत को आश्वासन दिया कि यदि उन्हें ज़मानत दी जाती है, तो वे जाँच में सहयोग करेंगे। लेकिन आरोपी पहली सुनवाई में पेश नहीं हुआ और फ़रार है, जिसके बाद अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के लिए सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।अब देखना ये होगा कि पुलिस कब तक पार्षद को गिरफ्तार करती है, और कब तक दलित महिला को न्याय मिलेगा।



