Rajgarh crime news: हाल ही में मध्य प्रदेश से एक चौंकाने वाली और परेशान करने वाली खबर सामने आई है। गांव के एक नाई ने दलित समुदाय के लोगों के बाल काटने से मना कर दिया। इससे दलित समुदाय में गुस्सा फैल गया है और इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
आज भी दलितों को समाज में बराबरी का हक नहीं है। उन्हें सामान खरीदने के लिए आज भी अपने गांव से बाहर जाना पड़ता है। इतना ही नहीं, गांव के नाई भी उनकी जाति पूछकर उनके बाल काटने से मना कर देते हैं। जी हाँ, ऐसा ही मामला मध्यप्रदेश के राजगढ़ (Rajgarh) जिले से है, जहां जातिवाद इतने चरम पर पहुंच चुका है कि दलितो के बाल काटने से पहले उनकी जाति पूछी जाती है.. और उनके दलित होने पर साफ इंकार कर दिया जाता है।
दरअसल, यह घटना राजगढ़ जिले के खुजनेर थाना (Khujner Police Station) के अंतर्गत बांसखेड़ा गांव (Banskheda village) का है, जहां एक नाई की दुकान का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यहां दुकान पर काम करने वाला नाई साफ तौर पर वाल्मीकि समाज के लोगों को भंगी कह कर बुलाते हुए बाल काटने से इंकार कर रहा है।
आज भी बाल काटने पर जाति पूछी जाती है। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के खुजनेर थाना अंतर्गत बांसखेड़ा गांव में वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ “भंगी” जातिसूचक शब्दों द्वारा अपमान और जान से मारने की धमकी देना बेहद निंदनीय एवं संविधान विरोधी कृत्य है।
आज भी अगर @DrMohanYadav51 जी यदि… pic.twitter.com/QshLGpij8j
— Himanshu Valmiki (@HimanshuValmi13) May 1, 2026
भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं मुख्यमंत्री मोहन यादव से अपील
इसके अलावा, जब वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य ने विरोध किया, तो आरोपियों ने पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी और उस पर हमला कर दिया। इस घटना के बावजूद, पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है, जिससे भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) से अपील की है।
कि वो आरोपी के खिलाफ जल्द कोई कार्यवाई करवाये वरना भीम आर्मी मजबूरन न्याय के लिए लोकतांत्रिक आंदोलन करेगी। हैरानी की बात है कि रोजाना मध्य प्रदेश में दलित उत्पीड़न की खबरों में तेजी से इजाफा हो रहा है लेकिन सरकार इन पर लगाम लगाने के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठा रही है.. आखिर इसकी जवाबदेही किसकी है।



