Palamu crime news: हाल ही में झारखंड से एक चौंकाने वाली और दुखद रिपोर्ट सामने आई है। ताकतवर ज़मीन माफियाओं का आतंक इस हद तक बढ़ गया है कि उन्होंने दलितों की ज़मीन पर ज़बरदस्ती कब्ज़ा कर लिया है। इसके चलते, पीड़ित दलित परिवारों ने अपने स्थानीय विधायक से न्याय की गुहार लगाई है।
दलित परिवारों की लगभग 50 एकड़ जमीन हड़पी
आज भी, दलितों को समाज में शांति से रहने नहीं दिया जाता है—चाहे वह शारीरिक हमले के ज़रिए हो, उनकी ज़मीनों पर ज़बरदस्ती कब्ज़े के ज़रिए हो, या उनकी संपत्ति पर धोखे से कब्ज़ा करने के ज़रिए हो। ऐसा ही मामला झारखंड (Jharkhand) के पलामू (Palamu) से है, जहां दलितो की जमीनो को हड़पने का खेल काफी तेजी से जारी है। दरअसल, पलामू के मेदिनीनगर (Medininagar) के सोतम डबरा गांव (Sotam Dabara Village) का है, जहां दलित परिवारों की लगभग 50 एकड़ जमीन को जबरन हड़प लिया है। जिसे लेकर पीड़ित परिवार ने आखिरकार पांकी के विधायक डॉ. कुशवाहा शिशि भूषण मेहता से न्याय की गुहार लगाई है।
दलित संगठन और भू माफिया के गुंडो के बीच झड़प
पीड़ितो ने बताया कि ये जमीन दशरथ मांझी के नाम से खातियानी है, जिस पर दलित परिवार सालो से खेतीबाड़ी कर रहे थे। लेकिन 2025 में राकेश रंजन उर्फ मुकेश पांडे नाम के भू माफिया ने फर्जी तरीके से जमीन को अपनी पत्नी के नाम जमाबंदी करवा ली है और कब्जा कर लिया.. जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो वो उन्हें वो जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने लगा और लगातार जान से मारने की धमकियां दिए जा रहा है। आपको बता दें, जमीन कब्जा करने को लेकर पिछले साल दुर्गा पूजा के दौरान दलित संगठन और भू माफिया के गुंडो के बीच बुरी तरह से झड़प हुई थी।
पुलिस ने मामला किया रफा-दफा
दलित समुदाय (Dalit community) के लोगो ने इसकी शिकायत भी दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस वालो ने मामले को रफा दफा कर दिया। हालांकि पांकी के विधायक पीड़ितो की समस्या सुनने के बाद तुरंत कार्यवाई और जांच के आदेश दिये है, लेकिन देखना ये होगा कि क्या वाकई में दलित परिवार को उनका हक मिलेगा या यहां भी मामला ठंडे बस्ते में चला जायेगा।



