Top 5 Dalit news: भिवाड़ी में दलित नाबालिग के साथ बर्बरता, चोरी के आरोप में किया गया था गिरफ्तार

Bhiwadi news , Top 5 Dalit news in hindi
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Top 5 Dalit news: जब रक्षक ही भक्षक बनने लगे तो मानवता कहां तक बनी रहेगी। कुछ ऐसी ही स्थिति इस वक्त प्रशासन की है.. दलितों के साथ होने वाले उत्पीड़न की आकड़े जितनी तेजी से बढ़ रहे है.. वो वाकई में चिंता का विषय है, लेकिन अब तक तो उंची जाति के लोग ही ये उत्पीड़न किया करते थे लेकिन अब प्रशासन भी उन्हें प्रताड़ित करने से पीछे नहीं हट रहा है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओ के बारे में बतायेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।

भिवाड़ी में दलित नाबालिग के साथ बर्बरता

1, दलितों से जुड़ा पहला मामला राजस्थान के भिवाड़ी से है, जहां चोरी का आरोप लगा कर एक 16 साल के दलित नाबालिक बच्चे को पहले तो गिरफ्तार किया गया और फिर उसे इतनी बेरहमी से पीटा गया कि वो अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। ये घटना 21 अप्रैल की है, जब पीड़ित लोकेश को भिवाड़ी पुलिस ने एक सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था, लेकिन पीड़ित युवक ने साफ कहा कि उसने चोरी नहीं की है…मगर पुलिस वालों ने उसका गुनाह कबूल करवाने के लिए बच्चे को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसके पैर टूट गए, यहां तक कि पानी में डुबोकर प्रताड़ित किया गया..जिससे उसके फेफड़ो में भी पानी भर गया.. और उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया।

वहीं इस मामले में राजनीति गरमा गई औऱ नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पुलिस पर तीखा प्रहार करते हुए बेहद निंदनीय करार दिया। ये मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है… वहीं मामले को तूल पकड़ता देख SHO समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसकी जानकारी खुद पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने दी है। वहीं पीड़ित परिवार पर पुलिस वालो के खिलाफ मामला दर्ज न करने का भी काफी दवाब बनाया गया है। मामले की जांच जारी है.. जांच के बाद ही पुलिस वालों के खिलाफ आगे की कार्यवाई की जायेगी।

अलीगढ़ में भंडारा खाने पर दलितो की पिटाई

2, दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश से अलीगढ़ है… यूपी में दलितों की स्थिति इतनी बद से बदतर होती जा रही है कि शायद उन्हें अब खुद ही ये समझ नहीं आ रहे है कि वो कैसे रहे कि जातिवादी आतंकियों के निशाने से बच कर रहे… जी हां, ताजा मामाला अलीगढ़ से है, जहां एक सामूहिक भंडारे में दलित समुदाय के कुछ लोग खाना खाने क्या चले गए, जातिवादि दबंगो ने उनकी जाति का फायदा उठाया और उन्हें बुरी तरह से पीटा। दबंगो का कहना था कि नो मंदिर का प्रसाद है, और दलित जाति के लोग उनके साथ आकर कैसे उस प्रसाद को खा सकते है, और बस फिर क्या था, मिल गया मौका उन्हें बहुजनो को फिर से प्रताड़ित करने का.. इस घटना का एक वीडियो भी काफी वायरल हो रहा है।

जिसमें भीड़ कुछ लोगो को बुरी तरह से पीट रही है.. हालांकि अभी तक इस मामले में पुलिस के शामिल होने की कोई जानकारी नहीं है.. और न ही वीडियो के वायरल होने के बाद अभी तक कोई संज्ञान लिया गया है.. ऐसे लगता है जैसे पुलिस वाले भी दलितों का मामला होने के कारण काम बंद करके बैठी है। हैरानी की बात है कि एक तरफ तो योगी सरकार दलितों के सम्मान की बात करते है तो वहीं दिनदहाड़े दलितों को पीटा जाता है लेकिन उनका प्रशासन हाथ पर हाथ रख कर बैठा हुआ है.. फिर भला कैसे मिलेगा दलितो को न्याय.. इसका जवाब कौन देगा।

भीम आर्मी चीफ ने गोदी मीडिया को लगाई लताड़

3, दलितो से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, जिन्होंने इन दिनों गोदी मीडिया को बुरी तरह से घेरना शुरु कर दिया है, जी हां, इस वक्त वो अमेरिका के दौरे पर है, तो वहीं 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों को लेकर हाल ही में कुछ अखबारों व मीडिया चैनलों द्वारा यूपी चुनाव 2027 का सर्वे किया गया था.. जहां एक तरफ आजाद एक्शन मोड में है, उनकी रैलियों में लाखों की संख्या में लोग दूर दूर से जा रहे है, उन्हें अगले सीएम पद का मजबूत दावेदार मानाजा रहा है तो वहीं हैरानी की बात है कि मीडियो ने इस सर्वे में उनकी पार्टी को शामिल तक नहीं किया गया।

जो कि गोदी मीडिया की घृणित सोच को दर्शाती है। अब इस मुद्दे पर आजाद ने जातिवादी मीडिया को अच्छे से रिमांड पर लेते हुए बहुजन समाज से अपील की है कि वो गोदी मीडिया के झूठे सर्वे पर भरोसा करने के बजाय अपनी मेहनत पर भरोसा रखें। उन्होंने ये भी खुलासा किया कि ये मीडिया हाउसेस बिना डोनेशन के नहीं चलते..और आजाद समाज पार्टी के पास उन्हें नाजायज डोनेशन देने के लिए पैसे नहीं है।

बड़ी-बड़ी पार्टियां देती हैं इसलिए उनका प्रचार करते हैं..हालाकिं आजाद ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन हम सभी जानते है कि मीडिया किनके इशारों पर चलती है। ऐसे में सवाल ये है कि क्या इन सर्वे से आजाद की लोकप्रियता पर कोई असर पड़ेगा या फिर उससे वो और मजबूती से आगे बढ़ेगे। हमें अपनी राय जरूर बताये।

दलित छात्र की मौत के मामले में केरल बंद

4, दलितो से जुड़ा अगला मामला केरल के कन्नूर से है, जहां डेंटल कॉलेज मे दलित छात्र नीतिन रात की 10 अप्रैल को कॉलेज की इमारत से गिरने के बाद मौद हो गई थी तो वहीं इस मामले में खुलासा हुआ था कि नीतिन को उसकी जाति के कारण प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके बाद से ही मामला काफी गर्माया हुआ है।

वहीं दलित संगठनों ने एक्शन काउंसिल पर भेदभाव करने का आरोप लगा कर सहीं से जांच न करने का आरोप लगाते हुए इस आत्महत्या को एक “संस्थागत हत्या” करार दिया था और परिवार के लिए 10 करोड़ रुपये का मुआवज़ा, हाई कोर्ट की निगरानी में जांच करने की मांग की थी, लेकिन जब इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो ‘जस्टिस फॉर नितिन राज एक्शन काउंसिल’ समेत कुल 52 संगठन ने 28 अप्रैल को राज्यव्यापी बंद का ऐलान कर दिया है।

प्रदर्शनकारियों ने राज्य में रोहित वेमुला अधिनियम को लागू करने की मांग की है.. साथ ही कॉलेज की मान्यता को रद्द करने की भी मांग रखी है। वहीं सीएम पिनाराई विजयन ने भी शैक्षणिक संस्थानो में बढ़ती दलति छात्रो के साथ उत्पीड़न की खबरो पर चिंता जताई है। ऐसे में देखना ये होगा कि इस बंद के बाद क्या केरल में दलित छात्रों की हालत में कोई सुधार होगा।

पश्चिम बंगाल में दलित सांसद पर हमला

5, दलितो से जुड़ा अगला मामला पश्चिम बंगाल के आरामबाग से है, जहां विधानसभा चुनावो के बीच दलित सासंद पर हमला करने की खबर ने सबके कान खड़े कर दिये है। 27 अप्रैल को दूसरे चरण के चुनाव प्रचार के अंतिम दिन आरामबाद संसदीय क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस की सांसद मिताली बाग ने बीजेपी पर सीधा आरोप लगाया है कि चुनाव प्रचार करने से रोकने के लिए बीजेपी के गुंडो ने हुगली जिले गोगाहाट में उनकी गाड़ी पर जानलेवा हमला किया ताकि वो प्रचार स्थल तक न पहुंच सकें. इस मुद्दे पर मिताली बाग ने अस्पतला से ही एक वीडियो जारी किया है।

जिसमें उन्होंने अपनी दशा भी लोगो को दिखाई… यहां तक कि ये भी कहा कि अमित शाह के गुंडो ने धमकी दी है कि जो भी बाहर निकलेगा उसे उल्टा लटका देंगे।  मिताली बाग एक अनुसूचित जाति से आती है और भाजपा राज में दलितो की स्थिति और उनके तरफ प्रशासन का उदासीन रवैया देखकर उन्हें निशाना बनाया गया है। वहीं बीजेपी ने इन आरोपो को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वो इस घटना की जांच चाहते है, क्योंकि मिताली बाग झूठ बोल रही है, वहीं इलेक्शन कमीशन ने इस मामले में जांच के आदेश जारी कर दिये है। अब देखना ये होगा कि इस मामले में क्या रिजल्ट आता है। वैसे आपको क्या लगता है क्या सच में मिताली बाग को रोकने की ये बड़ी साजिश थी।

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