Saharanpur news: चंद्रशेखर रावण—जो अक्सर दलितों के हितों के लिए काम करते हैं उनको अक्सर बड़े-बड़े दावे करते हुए देखा जाता है; कभी वे अमेरिका में रहते हुए दलित अधिकारों के लिए ज़ोर-शोर से आवाज़ उठाते नज़र आते हैं, तो कभी शराबबंदी के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए दिखाई देते हैं। वही उनका एक विडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है जिसमे वो दलितों की बस्ती को
बहुजनों की बस्ती बचाने खुद आजाद पहुंचे
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद को लेकर खबर सामने आई है, जिन्होंने दिखा दिया कि भले ही उन्हें जाति के नाम पर इग्नोर किया जा सकता है लेकिन संविधान की ताकत ने उन्हे सांसद बनाया है और वो उस ताकत का इस्तेमाल जातिवादियों के मुंह पर करारा तमाचा जड़ने के लिए कर सकते है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें चंद्रशेखर आजाद को क्यों लोग इतना पसंद करने लगे है उसका सीधा सबूत है। जी हाँ, विडियो में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है जहाँ एक लड़का चंद्रशेखर आजाद आजाद की फोटो लेकर हाथ में घूम रहा है।
चन्द्रशेखर आजाद जी के लिए उत्तर प्रदेश के युवाओं की दीवानगी अपने शिखर पर है👇🏼
वीडियो में दिख रहा शख्स @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद को 2027 में यूपी का मुख्यमंत्री बनाने की मन्नत के साथ एक लंबा सफर तय कर रहा है
मैं प्रकृति से कामना करता हूं कि इस भाई की मन्नत पूरी हो और… pic.twitter.com/6VrcjMTdWP
— Priyanshu Kumar (@priyanshu__63) May 6, 2026
ठेकेदार की सिट्टी पिट्टी गुम
दरअसल ये वीडियो सहारनपुर के ITC रोड की है, जहां जबरन दलित बस्ती को उजाड़ने के लिए ठेकेदार ने सरकारी बुलडोजर चलवाना शुरु कर दिया था, लेकिन तभी वहां के निवासियों ने कहा कि वो मदद के लिए आजाद को बुलायेंगे,, मगर ठेकेदार ने उनका मजाक बनाते हुए कहा कि वो अब सांसद है, छोटे मोटे मसलो पर नहीं आने वाले.. बस फिर क्या था.. एक कॉल हुई और कुछ देर में खुद आजाद वहां पहुंच गए। जिससे ठेकेदार की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई। विडियो में साफ नजर आ रहा है कि आजाद ठेकेदार को चुनौती दे रहे है कि वो जिसे चाहे कॉल कर लें, लेकिन बहुजनों की बस्ती को हाथ तक नहीं लगा पायेगा।
सबसे पहले राज्य में शराब बंदी करेंगे
वहीं आजाद ने खुले तौर पर ये भी कहा कि जैसे ही उनकी सरकार आयेगी वो सबसे पहले राज्य में शराब बंदी करेंगे.. क्योंकि 70 प्रतिशत लोगो के बर्बाद होने की वजह शराब ही है.. आजाद का एक्शन मोड देखकर उनकी लोकप्रियता ऐसी बढ़ी है कि लोग आगामी 2027 विधानसभा चुनावों (Assembly elections) में उन्हें सीएम (CM) बनाने के लिए पूजा पाठ तक शुरु कर चुके है। आजाद की हुंकार बताती है कि दलितों के दिन अब फिरने वाले है.. ऐसा लगता है कि जैसे बाबा साहब अंबेडकर के बाद आजाद ही दलितों के नए मसीहा के रूप में पहचाने जाने वाले है।



