Delhi news: हाल ही में दिल्ली के दिलशाद गार्डन से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई, जहां एक दलित युवक की सीवर चैंबर में डूबकर मौत हो गई। वही घटना की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
दलित युवक सीवर में डूबने से मौत
राजधानी दिल्ली से खबर सामने आई है, जहां एक दलित सफाई कर्मचारी अपनी 2 महीने की बकाया मेहनताना लेने गया था, लेकिन पहले तो उसे जबरन सीवर की सफाई करने को कहा गया.. और फिर बिना सुरक्षा के सीवर में उतरने के कारण उसकी दर्दनाक मौत हो गई। ये घटना दिल्ली (Delhi) के दिलशाद गार्डन (Dilshad Garden) की है, जहां 30 मार्च को मृतक राहुल बेद जो कि वाल्मिकी समाज से आता था, वो कॉन्ट्रैक्ट पर सफाई कर्मचारी के तौर पर काम कर रहा था, लेकिन जब वो 2 महीने का बकाया लेने गया तो उसे पहले ताहिरपुर में 8 से 10 फ़ीट गहरे नाले की हाथ से सफ़ाई करने को कहा गया…
पीड़ित परिवार के लिए उठाई न्याय आवाज
मजबूरी में पीड़ित सफाई करने चला गया लेकिन काफी देर तक कोई हलचल नहीं दिखी तो बचाव दल को बुलाया गया, राहुल को बाहर निकाल कर गुरु तेग बहादुर अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, राहुल की मौत हो गई थी, वहीं अब इस मुद्दे पर दलित आदिवासी शक्ति अधिकार मंच ने भी पीड़ित परिवार के लिए आवाज उठाते हुए कहा कि पहले लापरवाही की गई, और जब राहुल की मौत हो गई तब भी उसके परिवार को जानकारी नहीं दी गई।
पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठे
यहां तक कि मौत होने के बाद उसके शव को पूरी तरह से साफ सुथरे कपड़ो में लाया गया.. जिससे पता चलता है कि सबूतो से छेड़छाड़ की गई.. वहीं पीड़ित परिवार से मिलने के लिए भी कोई अधिकारी नहीं पहुंचा.. यहां तक कि परिवार को अब तक मुआवजा भी नहीं मिला है,, और न ही किसी के खिलाफ कोर् कार्यवाही हुई है। आपको बता दें, इस घटना से परिवार बहुत सदमे में है। मृतक परिवार का अकेला कमाने वाला था। परिवार ने ₹1 करोड़ के मुआवज़े की मांग की है और ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग की है।
इसके अलावा मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकरी के मुताबिक ऐसे में पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे है कि क्या दलित होने के कारण राहुल की जान की कोई कीमत नहीं थी.. क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।



