UP Crime: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से एक हैरान और परेशान करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ स्थानीय दबंगों की हिंसा से परेशान होकर दलित परिवारों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी; लेकिन पुलिस के लचर रवैये और काफी समय बीतने के बाद भी शिकायत दर्ज न करने के कारण, परिवार ने गांव छोड़कर जाने के इरादे से अपने घरों के बाहर “बिकाऊ” (For Sale) के पोस्टर लगा दिए हैं।
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दलित परिवार पलायन करने को मजबूर
ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब दबंगों के अत्याचारों से तंग आकर दलितों ने उस इलाके से भागने के लिए अपने घरों के बाहर “घर बिकाऊ है” के पोस्टर लगाए हैं; लेकिन यह कब तक चलेगा और दलितों के साथ अन्याय कब तक जारी रहेगा? पुलिस प्रशासन क्यों खामोश रहता है? आखिर कब प्रशासन नीद से जागेगा और दलितों को न्याय मिलेगा…ऐसा ही मामला अगला मामला उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फारूखाबाद (Farrukhabad) से है, जहां जातिवादियों की प्रताड़ना से तंग आकर एक दलित परिवार पलायन करने के लिए मजबूर हो गया है।
इतना ही नहीं दलित परिवार ने अपने घर के बाहर मकान बिकाऊ है का पोस्टर भी लगा दिया। ये मामला फर्रुखाबाद के कंपिल थाना क्षेत्र (Kampil police station area) के बहलोलपुर गांव (Bahlolpur Village) का है, पीड़िता माया देवी कठेरिया ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि 24 जून को गांव के कपछ जातिवादियों ने उनकी कच्ची झोपड़ी के पास मेड़ पर कंटीले तार लगा दिये थे।
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आरोपियों ने पीड़िता को जातिसूचक गालियां दी
ताकि उनका रास्ता बंद हो सके, लेकिन मायादेवी ने इसका विरोध किया तो आरोपियो ने पीड़िता के साथ जातिसूचक गालियां देते हुए लाठी-डंडों, ईंटों और लात-घूंसों से मारपीट शुरु कर दी। यहां तक कि बीच बचाव करने आये उनके नाती अमन और बहू शकुंतला और नातिन नन्ही देवी को भी बुरी तरह से पीटा…किसी तरह से आस-पास के पड़ोसियों ने मामले को शांत करवाया। हैरानी की बात तो ये है कि जब मायादेवी ने पुलिस में इसकी दर्ज करानी चाही तो पुलिस वालो ने एफआईआर (FIR) दर्ज करने के बजाये केवल पीड़ितो का मेडिकल करा कर पल्ला झाड़ लिया, जबकि उन्हें गंभीर चोटे आई है, पूरे परिवार में दहशत का माहौल है, वही पुरा परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है और वो अब गांव से पलायन करना चाहते है।
पीड़ित परिवार ने अब न्याय के लिए जिला प्रशासन से मदद मांगी है। उन्होंने बताया कि उनको लगातार सिर्फ धमकिया मिल रही लेकिन घटना के 4 दिन बीत जाने के बाद भी मामला दर्ज नहीं हुआ है ।वहीं क्षेत्राधिकारी कायमगंज राजेश कुमार द्विवेदी (Circle Officer Kaimganj, Rajesh Kumar Dwivedi) की तरफ से आश्वासन दिया गया है कि इस मामले की निष्पक्ष जाँच की जायेगी, औऱ एफआईआर दर्ज करा कर विधिक कार्यवाई होगी। अब देखना ये होगा कि पहले क्या होगा, न्याय या फिर दलित परिवार का पलायन।



