UP Crime: हमीरपुर में दलित युवक को बेरहमी से पीटने वालों को मिली सजा, 16 साल के लंबे इंतजार के बाद हुआ न्याय

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UP Crime: हाल ही में उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से एक चौंकाने वाली और परेशान करने वाली खबर सामने आई। जब एक दलित युवक ने दबंगों की शराब लाने से मना किया, तो उनके ईगो को इतनी ठेस पहुंची कि उन्होंने उसे इतनी बुरी तरह पीटा कि उसकी जान खतरे में पड़ गई। आज, 16 साल बाद, दलित युवक को इस मामले में इंसाफ मिला है।

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16 साल बाद दलित युवक को मिला न्याय

दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश (UP) के हमीरपुर (Hamirpur) से है, जहां एक दलित युवक ने दबंगो के लिए शराब लाने के इंकार कर क्या कर दिया था, दबंगो को ये उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने जैसा लगा और उन लोगो ने दलित को बुरी तरह से पीटा.. लेकिन आपको पता है सबसे हैरानी की बात क्या है कि इस मामले को 16 साल बीत गए है.. और 16 सालों के बाद पीड़ित को न्याय मिला है औऱ आरोपियों को सजा भी हुई तो मात्र 4 साल औऱ जुर्माना 24 हजार रुपये की।

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शराब लाने के इंकार करने पर की गई थी मारपीट

भारत की लचर कानून व्यवस्था का एक और नमूना है ये मामला.. जहां कहने को तो एससी एसटी एक्ट (SC-ST ACT) में विशेष अदालत है, लेकिन न्याय मिलने में तब भी सालों का इंतजार ही नसीब होता है। दरअसल, ये घटना हमीरपुर (Hamirpur) के जरिया थाना क्षेत्र (Jaria police station area) के परछां गांव (Parchaan Village) का है.. दलित युवक के साथ मारपीट की ये घटना 19 जून 2010 को घटित हुई थी। जब पीड़ित राजेश गांव के ही एक दुकान पर सामान लाने गया था। जहां आरोपी जयप्रकाश लोधी और ठाकुरदास शराब पी रहे थे।

4 साल का कठोर कारावास और 24 हजार का जुर्माना

उन लोगो ने राजेश को औऱ शराब लाने के लिए कहा था, लेकिन राजेश ने इंकार कर दिया था, जिससे वो दोनो भड़क गए और राजेश को जातिसूचक गालियां देते हुए पीटना शुरु कर दिया। 20 जून को पीड़ित के पिता ने पुलिस को इस घटना की तहरीर दी थी। इस घटना के 16 सालो के बाद विशेष न्यायधीश एससी एसटी रणवीर सिंह (Special Judge SC ST Ranveer Singh) ने दोनो आरोपियो को 4 साल का कठोर कारावास और 24 हजार का जुर्माना देने की सजा सुनाई है। अब सवाल ये है कि 16 सालों के बाद न्याय.. और इतनी कम सजा.. तो भला क्या वाकई में दलितों और पिछड़ो का कानून पर भरोसा बना रहेगा।

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