Rahul Gandhi news: आने वाले साल में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। जहाँ सभी राजनीतिक दल इस आयोजन के लिए ज़ोर-शोर से तैयारियाँ कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस पार्टी भी पिछले कुछ समय से दलितों के हितों की वकालत करने में स्पष्ट रूप से सक्रिय नज़र आ रही है। इस बीच एक फिर राहुल गाँधी ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिख कर दलितों के न्याय की गुहार लगाई है।
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राहुल गांधी का PM को पत्र
हल ही में राजधानी दिल्ली से एक खबर सामने आई है। जहां आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर यूपी में होने वाली हलचल का असल और दलित वोट बैंक को साधने की जुगत दिल्ली में भी शुरू हो चुकी है। दरअसल राज्य में बीजेपी की सरकार है लेकिन कांग्रेस बीजेपी पर दलितों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाती रही है, इसी कड़ी में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Former Congress President Rahul Gandhi) ने अब दलितों का मुद्दा उठाते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिख कर गुहार लगाई है।
दलित-आदिवासी युवाओं को मिले न्याय
राहुल गांधी ने चिट्ठी में 2 अप्रैल 2018 में अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण कानून (Scheduled Castes and Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act) को लेकर सरकार के फैसले के खिलाफ हुए देश व्यापी दलित आंदोलन में जिन दलित युवाओं पर केस दर्ज किये गए थे, उन्हें खारिज कर देना चाहिए। उन्होंने लिखा कि इस आंदोलन में 14 दलित युवाओं की भी मौत हुई थी..दरअसल अप्रैल 2018 में केंद्र सरकार ने एक फैसला लिया था जिससे एससी-एसटी कानून (SC-ST Act) कमजोर होने के आसार बढगए थे, क्योंकि सरकार ने दलितों और आदिवासियों के खिलाफ हिंसा, अन्याय करने वालों को न्याय और सुरक्षा पाने का अधिकार दे दिया था।
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युवा आज भी कोर्ट के चक्कर लगा रहे
जिसके खिलाफ देश व्यापी दलित आंदोलन हुआ था और सरकार को ये कानून वापिस लेना पड़ा था। राहुल गाँधी ने अपील की है कि मामले में फंसे युवा आज भी कोर्ट के चक्कर लगा रहे है, जिससे उनका भविष्य अंधेरे में है। सरकार को उन पर अब दया करनी चाहिए और मामले को खारिज कर देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि संविधान, सामाजिक न्याय और समानता के प्रति समर्पित एक देश के तौर पर, यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम यह सुनिश्चित करें कि जिन लोगों को पहले ही अन्याय झेलना पड़ा है, उन्हें आगे और परेशान न किया जाए। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे इस मुद्दे को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ हल करें। हालांकि देखना ये होगा कि इस मुद्दे पर सरकार की क्या राय होती है, साथ ही कांग्रेस को इससे क्या फायदा होगा.. लेकिन सवाल यहीं है कि क्या इससे दलित कांग्रेस के पाले में आ जायेंगे।



