SS Rajamouli Father Controversy: बाबा साहब का अपमान, दिग्गज फिल्ममेकर SS राजामौली के पिता विवादों में कार्रवाई की मांग

Vijayendra Prasad SS Rajamauli
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SS Rajamouli Father Controversy: हाल ही में, तेलंगाना के हैदराबाद (Hyderabad) से एक विवादित घटना सामने आई है, जिसमें फिल्म जगत के दिग्गज लेखक और एस.एस. राजामौली (SS Rajamouli) के पिता विजयेंद्र प्रसाद (Vijayendra Prasad) पर बाबासाहेब डॉ. अंबेडकर (Babasaheb Dr. Ambedkar) का अपमान करने और उनके ऐतिहासिक संघर्षों का मज़ाक उड़ाने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, डॉ. अंबेडकर के इस अपमान ने दलित समुदाय के भीतर व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है।

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विजयेंद्र प्रसाद के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज

आपने बाबासाहेब पर बनी कई फ़िल्में देखी होंगी और विभिन्न किताबों व फ़िल्मों में उनके संघर्षों के बारे में पढ़ा होगा; लेकिन जरा सोचिये अगर कोई लेखक या फ़िल्मकार स्वयं उनका अपमान करता है? जी हाँ, तेलंगाना से ऐसी ही एक खबर है, जहां बाबा साहब अंबेडकर का अपमान करने और उनसे जुड़े तथ्यों को गलत तरीके से तोड़ मरोड़ कर पेश करने के मामले में फिल्ममेकर SS राजामौली के पिता, लेखक विजयेंद्र प्रसाद के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक DGP से FIR दर्ज कराने की मांग की जा रही है। ये मांग करने वाले है दलित संगठन माला संक्षेमा संगम के कार्यकर्ता है।

अंबेडकर के लड़ाई और संघर्ष का मजाक उड़ाया गया

संगठन ने विजेयंद्र प्रसाद पर आरोप लगाया कि उन्होंने अंबेडकर के लड़ाई और संघर्ष का मजाक उड़ाते हुए तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर बाबा साहब का अपमान किया। विजेंद्र ने कहा कि बाबा साहब ने जातिवादी  संघर्ष तब शुरु किया था जब उनकी पत्नी को तालाब से पानी पीने के लिए रोका गया था.. जबकि ये बात पूरी तरह से गलत है..यहां दलितों की महिलाओ के लिए भी अपशब्द का इस्तेमाल करके उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई। जो कहानी उन्होंने सुनाई पूरी तरह से मनगढ़ंत है, जो जातिगत अपमान को दर्शाता है।

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दलितों के हक की लड़ाई का अपमान

अंबेडकर ने केवल पत्नी के लिए लड़ाई लड़ी थी, ये कह कर विजेंद्र प्रसाद ने उनकी बचपन से दलितों के हक की लड़ाई का अपमान किया है। एक प्रतिष्ठित व्यक्ति होकर बाबा साहब अपमान करने के लिए केवल फैक्ट के साथ छेडछाड़ करना पूरी तरह से कानून के खिलाफ है। अब देखना ये होगा कि क्या इस मामले में उनके खिलाफ कार्यवाई होगी या बाबा साहब का अपमान का मुद्दा यूहीं रफा दफा हो जायेगा।

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