Uttar Pradesh crime: धर्म के बदले धन सिद्धार्थनगर में दलित परिवारों को बरगलाने की कोशिश, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

Dalit Hindus targeted for conversion
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Uttar Pradesh crime:हाल ही में उत्तर प्रदेश से एक खबर सामने आई है, जहां एक तऱफ लव जिहाद के जरिए हिंदू लड़कियो को निशाना बनाने के मामलों में पहले से ही सरकार फेल हो रही है तो वहीं अब यूपी से बेहद ही सनसनीखेज खबर सामने आई है। दरअसल पैसों और नौकरी का लालच देकर अब मौलवी दलित युवकों को भी इस्लाम में कंवर्ट कर रहे है।

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गरीबी का फायदा उठाकर धर्म परिवर्तन की साजिश

हर रोज़ ‘लव जिहाद’ और धार्मिक धर्मांतरण के कई मामले सामने आते हैं; खास तौर पर, पिछले ही साल जमालुद्दीन—उर्फ़ ‘छंगुर बाबा’—द्वारा चलाए जा रहे एक धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था। वह दलित हिंदू महिलाओं को प्रलोभन देकर अपने जाल में फंसाता था, और बाद में उन्हें बेचकर उन पर धार्मिक धर्मांतरण के लिए दबाव डालता था। वही  यूपी के सिद्धार्थनगर से  हैरान और परेशान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी (Former Minister Satish Dwivedi) ने खुलासा किया है।

कि मिश्रौलिया थाना क्षेत्र (Mishraulia Police Station Area) के धोबाही गांव (Dhobahi Village) में पूर्व ग्राम प्रधान मौलवी गुलाम हुसैन, हदीसुल्लाह और फारूक पैसे का लालच और सरकारी लाभ का झांसा देकर दलित परिवारों को इस्लाम में परिवर्तित कर रहे है.. इतना ही नहीं विदेशों की कई कंपनी से धर्म बदलने वाले लोगो के खाते में पैसे आये है.. जो एक बड़ी साजिश की तरफ भी इशारा कर रहे है।

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दलितो को बरगलाने के इस रैकेट पर भी शिकंजा कसें

वही मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक यह गाँव मुख्य रूप से मुस्लिम बहुल है, और यहाँ आर्थिक रूप से कमज़ोर दलित हिंदू परिवार भी रहते हैं। इसी स्थिति का फ़ायदा उठाते हुए, एक स्थानीय समूह ने इन लोगों को अपना निशाना बनाया है। वही गाँव में रहने वाले दो भाइयों ने बताया कि उनके तीसरे भाई—रामप्रसाद, जिन्हें ‘डाकालु’ के नाम से जाना जाता है—ने अपनी तीन बेटियों के साथ इस्लाम अपना लिया है। इतना ही नहीं बीते महीने रमजान के दौरान उन्होंने रोजे रखे और मुस्लिम टोपी पहन कर नमाज भी की।  वही आगे बात करते हुए रामप्रसाद के भाई बाबूलाल विश्वकर्मा और ओमप्रकाश विश्वकर्मा ने बताया कि उन पर लागतार भी लगातार दवाब बनाया जा रहा है।

आपको बता दें, मंत्री ने मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जायें, ताकि भविष्य में किसी अनहोनी घटना को रोका जा सकें, साथ ही दलितो को बरगलाने के इस रैकेट पर भी शिकंजा कसें। हैरानी की बात है कि इन दलित हिंदुओ को ये तक नहीं पता कि देश का संविधान धर्म बदलते ही उनके दलित होने के सारे लाभ से वंचित कर देता है। अब देखना ये होगा कि सरकार दलितो के कंवर्सन को कैसे कंट्रोल करती है। वैसे आपको क्या लगता है क्या वाकई में कोई बड़ी साजिश हो रही है।

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