Top 5 Dalit News: दलितों के नाम पर बड़ा खेल! करोड़ों की योजना में घोटाला, सड़क उखाड़ी हत्या पर बवाल

Top 5 Dalit news in Hindi
Source: Google

Top 5 Dalit News:  ज़रा सोचिए, सरकार कोशिश तो कर रही हो दलितों और पिछड़ों को आर्थिक मजबूत बनाने की, लेकिन उनकी कोशिशें क्या वाकई में दलितों तक पहुंच भी रही है या नहीं ये जानने की जहमत कौन उठाएगा। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाले घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो सरकार की उस नाकामी का पर्दाफाश करती है जिसमें वो योजना लागू कर वाहवाही तो बटोरती है मगर सच्चाई कुछ और है।

मध्य प्रदेश में दलितो की सरकारी योजना का लाभ दूसरी जाति को

1, दलितों से जुड़ा पहला मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से है। जहां राज्य सरकार खुद को दलित हितैषी बता कर अनगिनत योजनाओं को शुरू कर केंद्र से करोड़ों रुपए ऐंठ तो रही है मगर दलितों पिछड़ों तक सही मायने में कुछ पहुंच ही नहीं रहा, भ्रष्टाचार में डूब चुके अधिकारी दलितों का नाम लिख कर योजनाओं का लाभ ऊंची जाति वाले को दे रहे है। मध्य प्रदेश सरकार की नाकामी का एक बड़ा पर्दाफाश हुआ है। जी हां, दलितों को आर्थिक मजबूत देनें के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है, और वो भी पशुपालन राज्य मंत्री लखन पटेल के विधानसभा क्षेत्र पथरिया में ही।

जब इसको पड़ताल की गई तो 17 एससीएसटी वर्ग के लोगो में से 8 लोगों के नाम तो लाभार्थी को लिस्ट में थे लेकिन उनके लिए आवंटित पशु किसी और के दरवाजे में बंधे हुए पाए गए। बता दें कि इस योजना में 75 प्रतिशत अतिरिक्त सरकारी सब्सिडी का लाभ दलितों को मिलेगा। वहीं 2025-2026 में 70 लाभार्थियों में 17 दलित थे लेकिन केवल 9 लोगों को लाभ मिला, बाकी का केवल नाम ही मिला। हैरानी की बात है कि इस आठ लोगों को पशुओं को पालने के लिए 2.97 लाख रुपए दिए गए थे लेकिन वो लाभ भी भ्रष्टाचारियों ने खा लिया।

वहीं इस मामले का पर्दाफाश होने के बाद राज्यमंत्री पशुपालन लखन पटेल ने आश्वासन दिया है कि इसकी निष्पक्ष जांच होगी, और दोषियों को सजा होगी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब अब कुछ ऑनलाइन हो गया है, तो असली हकदारों तक लाभ क्यों नहीं पहुंचा, वहीं इतना बड़ा घोटाला हो रहा है, लेकिन क्या सिर्फ योजना शुरू कर देने मात्र से सरकार की भूमिका खत्म हो जाती हैं। हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

मेरठ मे दलित उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ से है, जहां पुलिस प्रशासन के सामने जातिवादी दबंगों ने दलित बस्ती से आने वाली पक्की सड़क को उखाड़ दिया, दलित गुहार लगाते रहे लेकिन पुलिस मूकदर्शक बन कर तमाशा देखती रही। पुलिस की इस उदासीनता को देखने के बाद दलित समाज के एक युवक ने आत्मदाह तक करने को कोशिश की। ये मामला मेरठ के मायापुरी शेरगढ़ी का है, जहां दलित बस्ती में उस वक्त चीख पुकार मच गई जब जातिवादी आतंकियों ने दलित बस्ती का रास्ता रोकने के लिए बीच सड़क पर दीवार बनवाने लगे। हैरानी की बात है कि ये रास्ता न्यायालय सिविल जज (सिविल डिवीजन) में 2015 से ही विचाराधीन है।

दलितों ने  दबंगों की अवैध जमीन हथियाने को लेकर डीएम से शिकायत की है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विहार कॉलोनी में 3570 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध कब्जा कर बेच दिया गया है। वहीं 2008 में विधायक निधि से बनी हुई सड़क और पानी की लाइन को भी तोड़ दिया गया है। दबंगों और पुलिस को मिलीभगत को देख कर दलित बस्ती के एक शख़्स ने आत्मदाह करने की कोशिश की, जिसे लेकर ये मामला जिलाधिकारी डॉ वीके सिंह के पास पहुंचा जिससे फिलहाल के लिए तो काम बंद कर दिया गया, मगर सबसे बड़ा सवाल तो अब पुलिस की भूमिका पर उठ रहे है, क्या समाज के साथ साथ कानून भी जातिवादी हो गया है। अगर पुलिस ही अपराधियों का साथ देगी तो पीड़ितों को न्याय कौन देगा।

बिहार के मुंगेर में दलित उत्थान की बड़ी पहल

3, दलितों से जुड़ा अगला मामला बिहार के मुंगेर से है, जहां अब दलितों से जुड़े मामलों को लंबित करने के बजाये जल्द से जल्द निपटाने के लिए निर्देश जारी किये गए। इससे दलितों और पिछड़ों के मामलों को जल्द सुनने और उनकी समस्याओं के जल्द निपटने के चांसेस भी बढ़ गए है। इसके लिए मुंगेर के जमालपुर प्रखंड कार्यलय सभागार में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी श्रावणी गुप्ता की अध्यक्षता में विकास मित्रों की एक बैठक की गई है। जिसमें उन्होंने विकास मित्रों को सख्त निर्देश दिये है कि उन्हें अपने अपने क्षेत्रों में दलितों और पिछड़ी जाति से जुड़े जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उन तक पहुंचे, उसका पूरा ध्यान रखना है।

वो खुद इसमें सक्रिय रूप से शामिल होने चाहिए। जिसमें इसमें लापरवाही की उस पर गाज भी गिर सकती है। वहीं उन्होंने ये भी आदेश जारी किये कि सरकारी लाभों के लिए लंबित आवेदनों को जल्द से जल्द सत्यापन किया जा सकें और उसका निष्पादन किया जायें औऱ किसने कितना काम किया है उसकी रिपोर्ट भी समय पर तैयार कर सबमिट करना अनिवार्य है। इन आदेशों के बाद ये तो साफ हो गया है कि बिहार की सरकार दलितो को मिलने वाले लाभों को वाकई में उन तक पहुंचाना चाहती है, अब देखना ये होगा कि उससे दलित वर्ग को कितना फायदा होता है।

भीम आर्मी चीफ ने फिर से भरी हुंकार

4, दलितो से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, जिन्होंने साफ ऐलान कर दिया है कि वो सीने पर गोली खाने के लिए तैयार है लेकिन जब तक वो जिंदा है तब तक दलितों के उत्थान और लिए न्याय और सामाजिक बराबरी की लड़ाई जारी रखेंगे.. उन्होंने सीधे कहा कि वो खुद को डॉ. बी.आर. अंबेडकर, ज्योतिराव फुले और मान्यवर कांशीराम जैसे नायकों का वंशज मानते है तो ऐसे महान पुरखों की विरासत को आगे बढ़ाना केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि गर्व की बात है।

आजाद ने एक तरफ दलित महापुरुषों के सम्मान की बात की तो वहीं उन्होंने ऐलान कर दिया है कि किसी भी प्रत्यशी से टिकट के बदले कोई पैसा नहीं लिया जाएगा.. उन्होंने ये भी कहा कि किसी भी आसपा नेता से मिलने के लिए एक रूपय भी देने की जरुरत नहीं है। बता दें कि आजाद खुद लखनऊ में आसपा प्रत्याशियों का इंटरव्यू लेकर उनका चुनाव करने गए थे। बात साफ है कि आजाद कोई भी कमी नहीं छोड़ना चाहते ये साबित करने के लिए एक अछूत जाति का व्यक्ति भी एक पूरी सरकार को चला सकता है। अब देखना होगा कि क्या आजाद को राज्य की जनता मौका देगी सरकार चलाने का.. ये तो आने वाला समय ही बतायेगा।

संतकबीर नगर में दलित की हत्या का मामला गर्माया

5, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के संत कबीर नगर मे एक 29 साल के दलित युवक की गला रेंत कर हुई हत्या को लेकर है। इस मुद्दे पर जहां आरोपी नासिर अली के खिलाफ बुल्डोजर एक्शन करने की मांग की जा रही थी, वहीं गांव के गुस्सायें ग्रामीणों ने अपना एक्शन दिखाते आरोपी के घर को आग के हवाले कर दिया। संत कबीर नगर जिले के बखिरा थाना क्षेत्र के बभनी चौराहे पर घटी थी..पीड़ित परिवार ने इस मामले में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले एक शादी समारोह में आरोपी ने मृतक आनंद की भांजी के साथ छेड़छाड़ की थी, जिसे लेकर आनंद और आरोपी के बीच बहस हुई थी..जिसका गुस्सा निकालने के लिए उसकी हत्या कर दी गई।

इस मुद्दे पर अब भीम आर्मी चीफ ने भी अपना रोष व्यक्त करते हुए कहा इस तरह की दिनदहाड़े हुई घटना ने यूपी पुलिस के प्रति लोगो की क्या मानसिकता है उसे उजागर कर दिया है.. उन्होंने कहा कि सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जायें और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जायें ताकि पीड़ितों को जल्दी न्याय मिलें, वहीं सरकार पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करें। इस मामले में भीम आर्मी के आने के बाद क्या होता है पुलिस का रूख, ये देखने वाली बात होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *