Chandrashekhar news: हाल ही में चंद्रशेखर आजाद को लेकर के खबर सामने आई है। जहाँ सीतपुर में सम्राट अशोक गेट का उद्घाटन के लिए जाने वाले थे की तभी मनुवादी मानसिकता रखने वाले लोगो ने अडचने डालना शुरू कर दिया ताकी चंद्रशेखर सम्राट अशोक गेट का उद्घाटन न कर पाए और इतना ही नहीं उन्होंने उस गेट को ही अवेध निर्माण वाला बता दिया है।
आजाद की रैली से पहले प्रशासन की चाल
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) को लेकर खबर सामने आई है, जिनकी बढ़ती लोकप्रियता के कारण पिछले कुछ समय से उन्हें जानबूज कर टारगेट किया जा रहा है। ताजा मामला सीतापुर के मझिगवां गांव (Majhigawan village) का है, जहां 18 जून को नगीना सांसद चन्द्रशेखर आजाद (Nagina MP Chandrashekhar Azad) जिस “सम्राट अशोक गेट” का उद्घाटन करने जाने वाले थे, लेकिन उससे एक दिन पहले प्रशासन ने सम्राट अशोक गेट (Emperor Ashoka Gate) को ही अवैध बता कर आजाद के कार्यक्रम को ही रोक दिया, इतना ही नहीं रातों-रात उसे कपड़े से ढक भी दिया गया।
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सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन
सरकार की इस तुगलकी फरमान के खिलाफ भीम आर्मी (Bheem Army) व आजाद समाज पार्टी (Azad Samaj Party) के लोगों में काफी रोष है और वो सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन पर बैठ गए है। हैरानी की बात है कि “सम्राट अशोक गेट” का निर्माण पिछले कई महीनों से चल रहा था, लेकिन प्रशासन कोई आपत्ति नहीं थी, मगर जैसे ही ये खबर सामने आई कि इस गेट का उद्घाटन आजाद करने वाले है, ये निर्माण अवैध हो गया। वजह साफ है आजाद को जानबूझ कर टारगेट किया जा रहा है। पहले मंडल स्तरीय रैलियों पर रोक लगाई गई।
अचानक रैलियों के स्थान को बदल देनासत्ता परिवर्तन यात्रा की परमिशन न देना, उन्हें हाउस अरेस्ट करना, फिर यात्रा का रास्ता बदलना, और अब सीतापुर दौरे से पहले ये नया ड्रामा.. साफ जाहिर है कि आजाद की बढ़ती लोकप्रियता सरकार की नींदे उड़ा रही है, और अब उन्हें डर सताने लगा है कि कहीं आजाद उनकी सत्ता की कुर्सी भी न उड़ा दें। लेकिन प्रतिद्वंदि कितनी भी कोशिश कर लें, आजाद अपनी रफ्तार से चलते ही रहेंगे। अब देखना ये होगी कि गेट के उद्घाटन पर रोक को लेकर क्या बहाना देता है प्रशासन।



