Loni crime news: हाल ही में, उत्तर प्रदेश (UP) के लोनी (Loni) में एक विवादित घटना सामने आई है. कुछ शरारती तत्वों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया और बाद में उसे तोड़ दिया. इस खबर का पता चलने पर, दलित समुदाय के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई तथा उनकी गिरफ्तारी की मांग की. जिसका एक विडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है.
और पढ़े: Karnataka Land Fraud: बेंगलुरु में दलित महिलाओं की हालत और बिगड़ी, ज़मीन आवंटन की आड़ में धोखाधड़ी
उप्र्वदियो ने की बाबा साहेब की प्रतिमा क्षतिग्रस्त
उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर ‘बाबा का बुलडोजर’ गरज रहा है, लेकिन गाजियाबाद (Ghaziabad) के लोनी (Loni) में जो हुआ उसने प्रशासन को चुनौती दे दी है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) की तमाम सख्ती के बावजूद लोनी में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर (Dr. Bhimrao Ambedkar) की प्रतिमा को खंडित कर दिया गया, अब इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है, पूरा मामला लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र की इंद्रापुरी कॉलोनी (Indrapuri Colony) का है.
बताया जा रहा है कि देर रात कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने बाबा साहेब की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया, जैसे ही सुबह यह खबर फैली, इलाके में आग की तरह तनाव फैल गया, देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और न्याय की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया गुस्साए लोगों ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर धरना दे दिया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया, सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा है, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह न केवल अपमान है, बल्कि इलाके की शांति भंग करने की एक सोची-समझी साजिश है.
पुलिस कर रही आरोपी की तलाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक नंदकिशोर गुर्जर भी मौके पर पहुँचे, उन्होंने दो टूक कहा कि “डॉ. भीमराव अंबेडकर किसी एक जाति के नहीं, बल्कि पूरे देश के हैं, साथ ही उन्होंने कहा की जिसने भी यह घटना की है उसके खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई हो और पुलिस एनकाउंटर करें, फिलहाल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, सवाल यह है कि जहाँ यूपी पुलिस चप्पे-चप्पे पर नजर रखने का दावा करती है, वहाँ अराजक तत्वों ने इतनी हिम्मत कैसे की? क्या यह जानबूझकर शांति व्यवस्था को भंग करने की कोशिश है? क्या आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई से ऐसी घटनाएं रुकेंगी.



