Top 5 Dalit news: देवरिया में दलित लड़की की हत्या प्रेमी ने ही शक के कारण की चाकू के गला रेंत कर हत्या

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Top 5 Dalit news:  समाज में जातिगत भेदभाव की विकृत मानसिकता इस कदर घर कर चुकी है कि दलितों और पिछड़ो की जान की कोई कीमत ही नहीं है..जाति का दंभ भरने के लिए सरेआम मौत के घाट उतार दिया जाता है, लेकिन न तो कानून कुछ कर पाती है औऱ न ही सरकार.. कभी कभी तो शायद आप भी सोचते होंगे कि आखिर कानून व्यवस्था है ही क्यों..तो चलिए आपको इस लेख पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।

कौशांबी में भैंसों के खेत में जाने पर हत्या

1, दलितो से जुड़ा पहला मामला उत्तर प्रदेश के कोशांबी से है..वैसे तो यूपी सीएम राज्य की कानून व्यवस्था को सटीक बनाने के लिए बुल्डोजर का बहुत इस्तेमाल करते है लेकिन जब किसी दलित के साथ कोई अपराध होता है तो ये बुल्डोजर अपराधियों के घरों पर क्यों नहीं चलता.. दिल को झकझोर देने वाला मामला कोशांबी के चरवा थाना क्षेत्र की है, जहां पाल समाज की भैंस यादव समाज के खेतों में क्या चली गई.. यादवों के लड़को ने भैंस चराने गई 19 साल की किशोरी की न केवल हत्या कर दी बल्कि उसके शव को पेड़ से लटका भी दिया.. ये घटना 5 अप्रैल को घटित हुई थी.. बच्ची की शव मिलने के बाद से ही पूरे इलाके में सनसनी है। वहीं बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने वहां पहुंच कर पीड़ित परिवार को न्याय का आश्वासन दिया है।

पुलिस के मुताबित भैंसो के खेत में जाने के कारण यादव समाज और पाल समाज के लोगो के बीच झगड़ा हुआ था, और यादव लोगों नुकसान के बदले ₹3000हरजाना मांगा थे, जिसे पाल समाज के लोग देने के लिए भी तैयार हो गए थे, लेकिन दलितो के लिए विकृत मानसिकता रखने वाले आरोपी बब्बू यादव, विनय, यादव, धर्मेंद्र यादव ने 5 अप्रैल को जब मृतका को खेत में देखा तो उसकी हत्या कर खेत में ही टांग दिया। इतना ही नहीं पहले तो पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की थी, लेकिन जब राजनैतिक पार्टियों का दवाब बड़ा तो एफआईआर हुई। हालांकि पुलिस ने इस मामले की जांच शुरु कर दी है लेकिनव अभी तक किसी भी आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला.. अब देखना ये होगा कि क्या वाकई में आरोपी गिरफ्त में आयेंगे।

दलितो के मुद्दे पर कांग्रेस की मिट्टी पलीत

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला असम से है, जहां दलितो के मुद्दे पर एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी की मिट्टी पलीत हो गई है। दरअसल कांग्रेस पर हमेशा आरोप लगे है कि वो दलितों और पिछड़ो की अनदेखी करती रही है और अब वरिष्ठ दलित नेता सूर्यकांत सरकार ने  एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कछार जिले में चलती रैली में इस्तीफा देने की घोषणा कर दी.. इतना ही नहीं सूर्यकांत सरकार ने ये भी आरोप लगाया कि दलितों से जुड़े संगठनात्मक मुद्दों को उठाने की उन्होंने कई बार कोशिशें की है लेकिन कांग्रेस उन मुद्दों की अनदेखी कर देती है।

उन्होंने कहा कि उन्हें भारी मन से इस्तीफा देने पड़ रहा है लेकिन अब वो ये अनदेखी और अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते है। उन्होंने ये भी खुलासा किया कि असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के कामकाज का तरीका बताता है कि दलितों के मुद्दों से उन्हें कुछ खास लेना देना नहीं है। एक तरफ कांग्रेस का बड़ा चेहरा राहुल गांधी दलितों का हितैषी होने के गुणगाण गाते है तो वहीं असम में दलित नेता के इस्तीफे ने कांग्रेस की पर्दाफाश कर दिया है। वैसे आपको क्या लगता है क्या कांग्रेस की मानसिकता कभी बदलेगी।

देवरिया में दलित लड़की की हत्या

3, दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के देवरिया से है, जहां एक तरफ पर जाति के नाम पर ऑनर किलिंग होती है, वहीं एक दूसरी जाति के लड़के ने अपनी दलित प्रेमिका की गला रेत कर इस लिए हत्या कर दी क्योंकि उसे शक था कि लड़की का कहीं और प्रेम संबंध था। ये घटना देवरियां जिले के नौथन हथियागढ़ गांव की है, जब मृतका अंजलि अपने भाई बहन के साथ मोबाईल फोन ठीक कराने जा रही थी, तभी शिवम सिंह और उसके साथी राकेश कुमार गौड़ ने मोटरसाइकिल पर से तीनो पर चाकू से हमला कर दिया.. तीनों जान बचाने के लिए गेहूं के खेतों की तरफ भागें लेकिन तब तक आरोपी ने अंजली को पकड़ कर उसके गर्दन पर चाकू से हमला कर दिया।

जिससे उसकी मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि शिवम सिंह और अंजली का 4 सालों से अफेयर चल रहा था और उसे शक था कि अंजली का कही और भी अफेयर है जिसके कारण इस घटना को अंजाम दिया गया। जिसके बाद पुलिस भी हरकत में आ गई.. और तुरंत आरोपियों की तलाश शुरू कर दी.. पुलिस के मुताबित दोनो आरोपी बिहार भागने के फिराक में थे, लेकिन उससे पहले ही पटवना पुल पर दोनो को गिरफ्तार कर लिया गया, साथ ही हत्या का हथियार भी बरामद हो चुका है। पुलिस ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि वो आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलायेंगे।

भीम आर्मी चीफ ने की अधिकारियों की खटिया खड़ी

4, दलितो से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, जिन्होंने एक तरफ आगामी विधानसभा चुनावो से पहले अधिकारियों की खटिया खड़ी कर रखी है तो वहीं उन्होंने भी सीएम योगी की नीति को अपनाते हुए दलित वोटर्स को साधने के लिए दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे का नाम बदलकर बाबा साहेब आंबेडकर जी के नाम से रखने की माँग की है। ताकि बाबा साहब के सम्मान की उनकी लड़ाई और मजबूत हो, तो वहीं सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें आजाद कई अधिकारियों से सवाल जवाब करते नजर आ रहे है।

ये वीडियो बिजनौर की दीक्षा मीटिंग का है, जब भीम आर्मी चीफ और नगीमा सांसद ने एक सांसद की पावर दिखाते हुए अधिकारियों से विकास कार्य के सुस्त और धीरे गति से आगे बढ़ने को लेकर तीखे सवाल किये। इस दौरान आजाद के सवालों के जवाब देने में अधिकारियों की हालात खस्ता दिखी। सांसद बनने के बाद से ही आजाद हमेशा दलितों औप पिछड़ो के लिए खड़े रहे है, लेकिन उनका ये रूप बताता है कि वो दलितो के साथ साथ आम जनता के भले के लिए भी खड़े है। वहीं आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आजाद ने एक ट्रेलर दिखा दिया है कि अगर राज्य में उनकी सरकार आती है तो अधिकारियों को नींद से जागना पड़ेगा.. नहीं तो घर बैठना पड़ेगा। वैसे आपको आजाद का ये रूप कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताइयें।

जौनपुर में दलित के घर हमला

5, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के ही जौनपुर से है, जहां पुरानी रंजिश के चलते जातिवादी आतंकियों ने एक दलित के घर में घुस कर न केवल घर की महिलाओं के साथ बुरी तरह से मारपीट की बल्कि पूरे घर में तोड़ फोड़ भी मचाया। ये घटना जौनपुर के सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के लोहता गांव की है। पूरी घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, पीड़ित दलित परिवार के मुखिया जियालाल गौतम ने पुलिस को तहरीर दी है कि घर के मर्द काम से बाहर थे और घर में केवल महिलाएं ही थी, तभी करीब डेढ़ दर्जन लोग उनके घर में जबरन घुस गए.. और घर की औरतो के साथ मारपीट की, उनके कपड़े फाड़े गए, घर के मवेशियों को भगा दिया गया।

घर की महिलाओं ने किसी तरह से अपनी जान बचाई.. पीड़ित ने बताया कि वो किसी को नहीं पहचनाते, क्यों कि सबके मुंह पर कपड़ा बंधा था, लेकिन पुलिस को किसी पुरानी रंजिश का शक है। इतनी ही नहीं आरोपी घर से राशन और जरूरी सामान भी लूट ले गए। पुलिस ने मामले को दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। हालांकि अभी तक किसी की भी शिनाख्त नहीं हो सकी है। देखना ये होगा कि आखिर कब तक आरोपी गिरफ्त में आते है।

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