Madhya Pradesh news: हाल ही में, मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। जहाँ मनुवादियों ने एक दलित युवक की बारात पर हमला किया इसके अलावा, उन्होंने बारात में शामिल मेहमानों के साथ भी दुर्व्यवहार किया। वही मौके पर सुचना मिलने के बाद पुलिस निगरानी में दलित युवक की बारात निकाली गयी।
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दलित युवक की बारात पर हमला
मध्य प्रदेश के मंदसौर से एक खबर है, जहां दलितो की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है, जहां उनके लिए सम्मान तो छोड़िये वो थोड़ा सा अपने मन की करने कोशिश क्या कर रहे है उन्हें तुगलगी सजा दी रही है। ताजा मामला मंदसौर जिले (Mandsaur District) के सीतामऊ थाना क्षेत्र (Sitamau Police Station Area) के सारसी पिपलिया गांव (Sarsi Pipliya Village) का है, जब मेघवाल समाज के एक घर में शादी की खुशियां जातिवादी दबंगो के कारण मातम में बदल गई थी।
पुलिस निगरानी में निकली दलित युवक की बारात
पीड़ित परिवार ने बताया कि उनके बेटे की शादी होनी थी जिससे पहले बिंदौली निकालने की रस्म की जा रही थी, लेकिन तभी गांव के कुछ उंची जाति वालो ने वहां आकर हंगामा शुरु कर दिया.. और मामला हिंसक हो गया। लेकिन किसी अप्रिय घटना से पहले ही सीतामऊ पुलिस प्रशासन वहां पहुंच गया और जातिवादी आतंकियों को सबक सिखाते हुए दलित का बारात को अपनी सुरक्षा में निकाली.. जिसके लिए मेघवाल समाज काफी शुक्रगुजार भी है।
वहीं सीतामऊ एसडीओपी दिनेश प्रजापति के मुताबित पुलिस ने अपनी निगरानी में शांति से बारात निकाली औऱ अभी भी वहां सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई है.. वहीं इस मामले में शामिल दबंगो की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी पुलिस के शिकंजे में होंगे। हैरानी की बात है कि आज भी दलित समाज को अपनी खुशियों के लिए उंची जाति वालों की इजाजत का मोहताज होना पड़ता है..तो भला कहां है लोकतंत्र और कहां है न्याय।



