Bihar crime: हाल ही में बिहार के नालंदा से मानवता को शर्मसार करने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ भीड़ ने दो दलित युवकों की पीट-पीटकर हत्या कर दी। जहाँ एक ओर मृतकों के परिवार वाले न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं इस घटना ने दलितों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन के रवैये पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दो दलित युवकों के साथ लिंचिग
दलितों कि हत्या करना जैसे दबंगों के लिए आम बात हो गयी है वो कही भी मौका देखकर उनके साथ मारपीट शुरू कर देते हैं और ये इस हद तक बढ़ जाता है कि उनकी जान बी चली जाती है। ऐसा ही एक मामला बिहार (Bihar) के नालंदा (Nalanda) जिले है, जहां मेले की खुशियां एक परिवार के लिए मातम में बदल गई.. जहां केवल चोरी का शक होने पर ही केवल दलित होने के कारण दो युवको को जातिवादियों ने इसना पीटा की दोनो ने दम तोड़ दिया।
दरअसल मामला नालंदा में राजगीर (Rajgir) मेले का है। जहां मेला चल रहा है, लेकिन इसी बीच पिंटू पासवान और श्रवण पासवान भी मलमास मेला घूमने आये थे मगर झुंकिया बाबा मंदिर (Jhunkiya Baba Temple) के पास किसी ने दोनो पर चोरी का आरोप लगा दिया, बस फिर क्या था, दोनो ने चोरी की भी या नहीं ये जानने के लिए प्रशासन की भी जरूरत नहीं थी।
भीड़ ने दलित युवको को चोर समझकर मारा
बस जाति पूछी और तय कर लिया कि चोरी उन दोनो ने ही की होगी.. वहां खड़े जातिवादियों ने दोनो को खुद को जज बना कर फैसला सुना दिया और बुरी तरह से पीटना शुरु कर दिया..दोनो मृतक दीपनगर थाना क्षेत्र (Deepnagar police station area) के गंजपर गांव (Ganjpar Village) के रहने वाले थे। वहीं इस मामले में अखिल भारतीय महामंडलेश्वर महंत अंतर्यामी शरण की तरफ से बयान आया है कि पिछले कुछ समय से मंदिर में चोरी की घटनायें बढ़ रही थी, और घटना वाले दिन भी 4 युवक संदिग्ध गतिविधियों में शामिल दिखे थे, जिसमें से इन दोनो युवकों पर भी शक हुआ.. भीड़ ने दोनो युवकों को ही चोर समझ कर लाठी डंडो से पीटा था।
और पढ़े: Punjab news: दलित युवक की मौत मामले में SC आयोग का एक्शन, अवैध खनन की भी होगी जांच
राजगीर डीएसपी ने एसआईटी का गठन
हालांकि बाद में सुरक्षा कर्मियों ने राजगीर पुलिस को सौंप दिया था, जहां से पहले ईलाज के लिए दोनो को सदर अस्पताल ले गए थे लेकिन हालात गंभीर होने पर पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) रेफर कर दिया गया था, लेकिन दोनो को ही बचाया नही जा सका। हालांकि मामले को लेकर लोगो में जिस तरह का रोष है उसे देखते हुए राजगीर डीएसपी ने एसआईटी का गठन किया है, वहीं भारी पुलिस बल भी इलाके में तैनात कर दी गई। केवल दलित होने के कारण क्या दोनो युवक ऐसी बर्बरता डिजर्व करते थे.. क्या दोनो को सही न्याय मिलेगा।



