Rohini Ghavari news: हाल ही में, रोहिणी घवारी ने चंद्रशेखर के संबंध में एक महत्वपूर्ण बयान दिया, जातिवाद के दर्द को बयां करते हुए उन्होंने खुलासा किया कि चंद्रशेखर उनसे शादी करना चाहते थे, लेकिन उनके समुदाय—या जाति—के बड़ों का दबाव इतना ज़्यादा था कि वे उसका सामना नहीं कर पाए और ये रिश्ता आगे नहीं बढ़ पाया।
रोहिणी घावरी का बड़ा खुलासा
रोहिणी घावरी और चंद्रशेखर आज़ाद को लेकर अक्सर तरह-तरह की खबरें सामने आती रहती हैं, कभी वह चंद्रशेखर को अमित शाह का “कुत्ता” बताती हैं, तो कभी उन्हें “पाखंडी” कहकर उन पर निशाना साधती हैं। लेकिन इस बार, उन्होंने अपने X अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने बड़े ही मार्मिक अंदाज़ में यह खुलासा किया कि चंद्रशेखर आज़ाद और रोहिणी घावरी की अधूरी प्रेम कहानी जातिवाद के चलते मुकाम तक नहीं पहुँच पाई। दरअसल रोहिणी घावरी ने फिर से एक ट्वीट किया है जिसमें वो आजाद से दूर होने का और जाति के कारण कैसे आजाद के समाज वाले दोनों के रिश्ते को लेकर नहीं माने। जिसके कारण आजाद ने उनसे शादी करने से इनकार कर दिया था।
वाल्मीकि – जाटव जातिवाद की कहानी सुनो !!
चंद्रशेखर मुझसे शादी करना चाहता था उसने चामर समाज के मुखियाओं से इस पर बात की तो उन्होंने कहा भंगी की लड़की से शादी करेगा तो सब तेरा साथ छोड़ देंगे राजनीति खत्म हो जाएगी !!
इनके लिए पीएचडी की हुई यूनाइटेड नेशंस तक पहुंची लड़की की… pic.twitter.com/uGZzb57ukI— Dr Rohini Ghavari ( रोहिणी ) (@DrRohinighavari) May 8, 2026
और पढ़े: Sri Ganganagar news: राजस्थान भाजपा विधायक पर FIR, दलित अफसर से मारपीट और गाली-गलौज का आरोप
चंद्रशेखर घावरी से करना चाहते थे शादी
घावरी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि चंद्रशेखर मुझसे शादी करना चाहता था उसने चामर समाज के मुखियाओं से इस पर बात की तो उन्होंने कहा भंगी की लड़की से शादी करेगा तो सब तेरा साथ छोड़ देंगे राजनीति खत्म हो जाएगी !! बस फिर क्या था काबिलियत जातिवाद के आगे हार गई ओर आजाद ने उन्हें राजनीति में जगह बनाने के लिए छोड़ दिया।
घावरी ने कहा कि उन्हें ये बात खुद चंद्रशेखर ने इटली आ बताई थी। अब तक आजाद पर संगीन आरोप लगाने वाली घावरी ने आजाद से सहानुभूति जताई और कहा कि आजाद कभी घावरी के खिलाफ कुछ नहीं कहेंगे क्योंकि उन्हें भी पता है कि गलती आजाद की है।। सच तो ये है दलितों के बीच भी बहुत ज्यादा जातिवाद होता है और वो एक दूसरे से बेहद भेदभाव करते है तो भला वो किस हक से सवर्णों पर जातिगत भेदभाव का आरोप लगा रहे है। घावरी का ये खुलासा अब दलित समाज के किस रूप को सामने लाने वाला है ये देखने वाली बात होगी।



