Tamil Nadu news: विकास के दावों की खुली पोल, सड़क के अभाव में खेतों के बीच से शव ले जाने को मजबूर दलित परिवार

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Tamil Nadu news: हाल ही में तमिलनाडु के पुदुक्कोट्टई ज़िले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ दलित बस्ती में आज भी पक्की सड़क नहीं है, जिससे वहाँ के निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है; फिर भी, सवाल यह उठता है कि आज़ादी के इतने सालों बाद भी दलितों को ऐसी मुश्किलों का सामना क्यों करना पड़ रहा है?

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40 सालों से दलित बस्ती में सड़क नहीं

सरकार हर राज्य में विकास के दावे करती है और “सबका साथ, सबका विकास” जैसे नारे लगाती है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या यह सिर्फ़ ऊंची जातियों के लिए है, न कि दलित समुदाय के लिए? आज भी दलित बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं; उन्हें कच्ची सड़कों, ठीक से पानी की निकासी न होने और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल तमिलनाडु (Tamil Nadu news) के पुदुक्कोट्टई जिले (Pudukkottai district) से ऐसा ही एक मामला है, जहां पिछले 40 सालों से दलित बस्ती में सड़क न होने के कारण वहां रहने वाले दलित समुदाय के लोग अपने परिजनो के शवों को खेतो के बीच से ले जाने पर मजबूर है।

खेतो के बीच से शव ले जाने का एक सनसनीखेज वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। जिसमें एक दलित महिला के शव को धान के खेतों के बीच से ले जाया जा रहा है। जिसके बाद से सरकार की दलितो के लिए नीतियों पर भी कड़े सवाल उठने लगे है।

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विकास और बेसिक सुविधाओं से वंचित

ये सनसनीखेज मामला अवुदैयारकोइल तालुक के थीयाथुर गांव का है, अंबेडकर नगर बस्ती में रहने वाले दलित आजादी के इतने साल बीतने के बाद भी विकास और बेसिक सुविधाओं से इस कदर वंचित है कि उनके पास गांव से बाहर निकलने के लिए पक्की तो छोड़िये कच्ची सड़क भी नहीं है। ये वीडियो 18 जून को सोशल मीडिया पर डाली गई थी, जिसमें ए देवी की बिमारी के कारण मौत हो गई थी, लेकिन सड़क न होने के कारण महिला की शव यात्रा खेतो से निकाली गई और द्रविड़ कब्रिस्तान तक ले गए।

इस घटना के सामने आने के बाद से जातिगत सौहार्द बढ़ाने और भेदभाव मिटाने की कोशिश की सारे दावों की मिट्टी पलीत हो गई है। अब देखना ये होगा कि प्रशासन इस पर क्या एक्शन लेता है.. क्या पीड़ितो को अब भी सड़क मिलेगी या नहीं। ये तो आने वाला समय ही बतायेगा, लेकिन वायरल वीडियो ने तमिलनाडु में जातिगत उत्पीड़न की पोल जरूर खोल दी है।

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