354 BNS in Hindi: हम अक्सर अपने आस-पास ऐसी खबरें या अफवाहें सुनते हैं, जिनमें कोई एक व्यक्ति दूसरे पर कोई खास काम करने के लिए दबाव डालने की कोशिश करता है; किसी को इस डर से कोई काम करने के लिए मजबूर करना—कि मना करने पर उसे ईश्वर के कोप का सामना करना पड़ेगा। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा करने पर सज़ा भी हो सकती है और ऐसे में BNS का कौन सा सेक्शन लागू होता है और किस तरह की सज़ा दी जाएगी? तो चलिए हम आपको बताते हैं, अगर ऐसा किया जाता है तो भारतीय न्याय सहिंता (BNS) का सेक्शन 354′ लागू होता है। तो चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सज़ा का प्रावधान है और BNS में इसके बारे में क्या कहा गया है।
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धारा 354 क्या कहती है? BNS Section 354 in Hindi
आज के समय में, टेक्नोलॉजी का दुरूपयोग इतना ज्यादा बढ़ गया है कि ऑनलाइन मेसेज करके लोगो को धमकाया, डराया जाता है लेकिन पकडे जाने पर कड़ी सजा भी होती है… वही जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस (BNS) की धारा 354 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 354 यह सेक्शन उस व्यक्ति पर लागू होता है, जो कोई व्यक्ति किसी को डराता या विश्वास दिलाता है कि यदि उसने उसके अनुसार काम नहीं किया, तो उस पर भगवान का प्रकोप (Divine displeasure) टूटेगा। ऐसे डर का इस्तेमाल करके किसी व्यक्ति से वह काम करवाना जो वह कानूनी रूप से करने के लिए बाध्य नहीं है, या ऐसा काम न करने के लिए मजबूर करना जो वह करने का हकदार है।
BNS section 354 example
मान लीजिए, सुमित नाम का कोई व्यक्ति आपसे कोई ऐसा काम करवाना चाहता है जिसे करने की आपकी बिल्कुल भी इच्छा नहीं है, फिर भी वह आप पर लगातार दबाव डालता रहता है—इस बात पर अड़ा रहता है कि आप किसी के घर के बाहर धरना-प्रदर्शन करें—और आप ऐसा करने से साफ़ इनकार कर देते हैं; तो ऐसी स्थिति में, वह प्रदर्शनकारी या तो आत्महत्या कर लेगा, या फिर उसे ईश्वरीय प्रकोप का सामना करना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में, जब मामले की जाँच की जाती है, यदि व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसे इस धारा के तहत सज़ा मिल सकती है।
बीएनएस धारा 354 की और सजा
इसके अलावा, BNS की धारा 354 यह तब लागू होती है, जब कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी को शांति भंग करता है या फिर उसको भगवान का डर दिखाकर डराता है। तो इस सेक्शन के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को crime करने पर 1 साल की कैद और जुर्माना होता है। या फिर दोनों होते है। आपको बता दें, यह एक गैर-संज्ञेय (non-cognizable) अपराध है, इसलिए पुलिस को जाँच के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति चाहिए होती है। इस अपराध में जमानत मिलना भी काफी मुश्किल हैं। वही पुलिस इस अपराध के लिए बिना वारंट के भी आरोपी को गिरफ्तार कर लेती है।



