Uttarakhand news: हाल ही में उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ कुछ बदमाशों ने एक दलित युवक को झूठे बहाने से बुलाकर उस पर हमला किया; इतने पर ही वे नहीं रुके, बल्कि उन्होंने उसके शरीर पर बेरहमी से चोटें भी पहुंचाईं। सूचना मिलने पर उसके पिता उसे अस्पताल ले गए, लेकिन वहाँ पहुँचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
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दलित युवक की हत्या का मामला गर्माया
क्या किसी से प्यार करने की सज़ा इतनी भयानक हो सकती है—कि कीलों से जकड़कर हत्या कर दी जाए? ऐसा ही खौफनाक मंझार उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में हुआ है, जहां एक दलित युवक अपनी प्रेमिका से क्या मिलने पहुंचा, लड़की के परिवार ने मानवता की सारी हदें पार कर दी थी। युवक को इतनी बेरहमी से टॉर्चर किया कि अस्पताल जाने से पहले ही उसकी मौत हो गई थी, लेकिन अब इस मामले में कई सनसनीखेज खुलासे हुए है। पुलिस छानबीन में साफ हुआ है कि मृतक केतन को मिलने के लिए उसकी प्रेमिका ने भले ही बुलाया था लेकिन उसके पीछे साजिश उसके पिता की थी।
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लड़की और उस उसके पिता की साजिश
उसके पिता ने ही लड़की को धमकी देकर केतन को बुलाने के लिए कहा था, लड़की ने डर कर केतन को बुलाया तो वहां लड़की के परिवार वालों ने केतन को घेर लिया और उसे कमरे में बंद करके बुरी तरह से पीटा। इतना ही नहीं केतन के पैरों के नाखून उखाड़े गए, उसे पैरो में कील ठोक दी गई..उसके कमर, पीठ और पेट पर भी गंभीर चोटो के निशान मिले। वहीं केतन ने मरने से पहले पिता को सच्चाई बताई थी कि कैसे लड़की और उसके पिता ने साजिश की थी। किसी तरह केतन का पोस्टमार्टम हुआ लेकिन परिवार वालों ने साफ कहा है कि जब तक उनके बेटे के हत्यारें पकड़े नहीं जायेंगे तब तक वो अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
हालांकि पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लड़की के पिता विद्या सिंह पवार औऱ एक नामजद आरोपी यशवीर सिंह पवार को गिरफ्तार कर लिया है औऱ बाकियों की तलाश कर रहे है, लेकिन इस एक घटना ने कानून व्यवस्था की मिट्टी पलीत करके रख दी है। केवल दूसरी जाति से होने के कारण एक युवक के साथ ऐसी बर्बरता क्या एक 18 साल का लड़का डिजर्व करता था। आखिर दलित होने के कारण कब तक समाज के कुछ जातिवादी आतंकी उनका शोषण करते रहेंगे, और क्यों तब उन्हें कानून का डर नहीं होता.. क्या वाकई में इतना कमजोर है कानून।



