Top 5 Dalit news: दलित प्रोफेसर ने भेदभाव के खिलाफ उठाई आवाज, तो अब दी जा रही है जान से मारने की धमकी!

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Top 5 Dalit news:  जो दलित इस भारत भूमि पर सदियों से बहिष्कार, तिरस्कार, और अछूत होने के नाम पर प्रताड़ना झेल रहे है.. वो तो केवल सम्मान चाहते है, लेकिन ऐसा लगता है कि कुछ लोगो की मानसिकता तो उन्हें इस देश का नागरिक तक मानने की नहीं है.. उन्हें सरेआम कत्ल कर देने की बात की जाती है.. जैसे वो इंसान नहीं कोई गाजर मूली हो..तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।

जैन मुनि ने अंबेडकरवादियों की हत्या करने को कहा

1, दलितों से जुड़ा पहला मामला एक जैन मुनि को लेकर है जिन्होंने सीधे मीडिया के सामने ऐलान किया है कि जो भी बाबा साहब अंबेडकर की विचारधारा पर चलता है, उनका सीधा एनकांउटर कर देना चाहिए,… मतलब इनके अनुसार देश की करीब 33 प्रतिशत आबादी को पूरी तरह से साफ कर दिया जाना चाहिए। जैन मुनि की ये बात सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रही है। एक तरफ सुपरस्टार थालापति विजय अंबेडकर की विचारधारा पर चल कर पहली ही बार में सीएम बनने जा रहे है तो वहीं एक जैन मुनि होकर लोगो की हत्या कर देने की बात करने वाले ऐसी मानसिकता वाले मुनि के साथ क्या होना चाहिए।

आप वीडियो में साफ देख सकते है कि वो अंबेडकरवादियों और मुसलमानों पर निशाना साधने के साथ सरकार को भी घेर रहे है.. उन्होंने इसके लिए सीधे दलित और अल्पसंख्यकों को मिलने वाले आरक्षण को जिम्मेदार ठहराया है.. और सीधे तौर पर जो हिंदू धर्म के बारे में उल्टा सीधा बोलते है उनका एनकाउंटर करके सबक सिखाना चाहिए। मतलब साफ है कि न तो इस देश में कानून का सम्मान है औऱ न ही संविधान का.. और आरक्षण को इसका जिम्मेदार बता कर वो इनडायेरेक्टली आरक्षण को खत्म करने की मांग कर रहे है.. बात बिल्कुल साफ है.. या तो आरक्षण हटाया जाये या फिर आरक्षण लेने वाले दलितो का ही सफाया कर दिया जाये.. न दलित बचेंगे और न आरक्षण की जरूरत होगी.. ऐसे विकृत मानसिकता वाले व्यक्ति के साथ क्या कार्यवाई होनी चाहिए आप हमें कमेंट करके जरूर बतायें।

अमेरिका से लौट कर भीम आर्मी चीफ एक्शन मोड पर

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है…जिन्होंने तमिलनाडु में थलापति विजय की जीत को लेकर यूपी में भी आसपा के आने को लेकर अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया है। अमेरिका में  अंबेडकरवादियों की विचारधारा को और मजबूत करके भारत लौटे आजाद आते ही एक्शन मोड में आ गए है। 2 जून से अपनी यात्रा शुरु करने से पहले उन्होंने घोषणा कर दी है कि वो आगामी य़ूपी विधानसभा चुनाव में 403 सीटो के लिए लड़ने वाले है.. इतना ही नहीं उन्होंने ये भी ऐलान किया है कि 2027 में आसपा को हर हाल में जीताना है, इसके लिए भले ही दिन रात मेहनत क्यों करनी पड़े।

वहीं इस वक्त उनकी सबसे बड़ी दुश्मन बनी उनकी कथित एक्स गर्लफ्रेंड रोहिणी घावरी ने आजाद पर तंज कसते हुए कहा कि घावरी के बिना आजाद कुछ नहीं सकते … लेकिन वो इस बार बहुत कुछ करनी वाली है.. जो आजाद का राजनीति करियर ही नहीं खत्म करेगा बल्कि वो सलाखों के पीछे नजर आने वाले है। हैरानी की बात है कि घावरी अभी तक कई संगीन आरोप लगा चुकी है लेकिन आजाद हमेशा दलितों और पिछड़ो के लिए अपनी लड़ाई पर ही केंद्रित रहे है.. ऐसे में आपको क्या लगता है क्या 2027 चुनाव में 2026 के विधानसभा चुनावों की तरह कुछ अनोखा हो सकता है..क्या आजाद बड़ी टक्कर दे सकते है।

बिजनौर में दलित युवक की ऑनर किलिंग

3, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के बिजनौर से है जहां ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है.. प्रेम प्रसंग और चोरी छिपे शादी करने के चलते गुस्साये लड़की के परिवारवालों ने दलित युवक को चलती ट्रेन के सामने फेंक दिया। ये सनसनीखेज घटना बिजनौर के स्योहारा कस्बे के गांव जुझैला की है, मृतक गुलशन का रहटोली गांव की एक युवती से पिछले 3 सालो से प्रेम प्रंसग चल रहा था, इतना ही नहीं दोनो ने घर वालो के मर्जी के खिलाफ जाकर चोरी छिपे शादी भी कर ली थी, लेकिन किसी तरह से इसकी भनक युवती के परिवारवालों को लग गई और 29-30 अप्रैल की रात को जब गुलशन रहटोली गांव आया था।

तब लड़की के भाई अतर सिंह, पुष्पेंद्र और रजनीश सैनी  ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर गुलशन को पकड़ कर पहले तो बुरी तरह से पीटा और फिर देहरादून हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के आगे फेंक दिया.. जिसकी चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। वहीं इस हत्या को हादसा दिखाने की काफी कोशिश की गई लेकिन मृतक के परिवार ने जब हंगामा किया तो पुलिस ने मामले को दर्ज करके पूछताछ शुरु तो आरोपी ने सबकुछ उगल दिया। एसपी पूर्वी अमित किशोर श्रीवास्तव के मुताबिक आरोपी ने अपनी इज्जत बचाने के लिए गुलशन की हत्या कर दी। पुलिस ने तीन आरोपियो को गिरफ्तार कर लिया और बाकियों की तलाश जारी है।

यूपी में फिर से दलित पैंथर्स एक्शन मोड पर

4, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर से है, जहां एक बार फिर से दलित पैंथर्स का नाम काफी उछल रहा है., खबरे आ रही है कि दलित भारतीय दलित पैंथर संगठन के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेस के ऑफिस पर हंगामा कर दिया है.. जिसका कारण है स्मार्ट मीटर के कारण गरीब वंचित लोगो पर जबरन सरकार का थोपा जा रहा दबाव.. जी हां, स्मार्ट मीटर के नाम पर जबरन दलित और कमजोरो पर आर्थिक बोझ बढ़ाने की साजिश को लेकर  प्रदेश अध्यक्ष धनीराम पैंथर ने सीधे सरकार को चुनौती दी है कि अगर जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया जाता तो वो बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।

हैरानी की बात है कि बिजली चोरी रोकने के लिए इस्तेमाल हुए स्मार्ट मीटर को लेकर शुरु से ही लूप होल होने की बात की जा रही है, ये तय राशी से ज्यादा चार्ज करता है लेकिन सरकार इसका समाधान निकालने के बजाय जबरन इसे थोप रही है। अब देखना ये होगा कि स्मार्ट मीटर को लेकर सरकार को फैसला लेती है या नहीं.. या फिर से दलितों को अपनी आवाज उठाने के लिए आंदोलनो का ही सहारा लेना पड़ेगा.. जैसा कि पिछले कुछ सालों में लगातार हो रहा है।

अजमेर में दलित प्रोफेसर के साथ भेदभाव

5, दलितों से जुड़ा अगला मामला राजस्थान से अजमेर से है जहां एक दलित प्रोफेसर ने विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे जातिगत भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाते हुए 15 अप्रैल को अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में शामिल होने से इंकार कर दिया था। ये मामला  राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय  का है, जहां भौतिकी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार को केवल इसलिए हिरासत में ले लिया गया था क्योंकि उन्होंने उपमुख्यमंत्री के आने के बाद कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया था। प्रोफेसर ने कहा कि पुलिस ने उन्हें 4 घंटे तक कैद में रखा, उनकी धमकी दी गई और उन्हें परेशान किया गया।

दलित प्रोफेसर ने कुलपति प्रो. आनंद भलेराव, रजिस्ट्रार अमरदीप शर्मा, एसपी हर्ष वर्धन अगरवाला और इंस्पेक्टर दयाराम चौधरी पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग कॉलेज में चल रहे भेदभाव और उत्पीड़न के खिलाफ उनकी उठी आवाद को दबाना चाहते है। हालांकि प्रोफेसर ने इस सच्चाई को उजागर करने की कोशिश की.. जिसके लिए डीजीपी से बात की गई है। अब देखना ये होगा कि क्या दलित प्रोफेसर को न्याय मिलेगा या फिर वो भी जातिवादी सिस्टम की भेंट चढ़ जायेंगे।

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