Jain muni controversial speech: हाल ही में, एक जैन मुनि से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। उन्होंने प्रेस के सामने एक विवादित बयान दिया, जिसमें उन्होंने दलितों की आलोचना की और यह दावा किया कि जो लोग दलितों के मसीहा, अंबेडकर की विचारधारा का पालन करते हैं, उन्हें मार दिया जाना चाहिए। जैन मुनि के इस बयान से राजनीतिक गलियारों में काफी हलचल मच गई है; वहीं, उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।
जैन मुनि ने की अंबेडकरवादियों की हत्या की अपील
कल तक, ऐसे बयान तभी सामने आते थे जब कोई प्रमुख नेता या ‘मनुवादी’ मानसिकता रखने वाले लोग अंबेडकर की आलोचना करते थे; लेकिन इस बार तो सचमुच सारी हदें पार हो गई हैं। जी हाँ एक जैन मुनि को लेकर है जिन्होंने सीधे मीडिया के सामने ऐलान किया है कि जो भी बाबा साहब अंबेडकर (Babasaheb Ambedkar) की विचारधारा पर चलता है, उनका सीधा एनकांउटर कर देना चाहिए,… मतलब इनके अनुसार देश की करीब 33 प्रतिशत आबादी को पूरी तरह से साफ कर दिया जाना चाहिए। जैन मुनि की ये बात सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रही है। एक तरफ सुपरस्टार थालापति विजय अंबेडकर (Superstar Thalapathy Vijay Ambedkar) की विचारधारा पर चल कर पहली ही बार में सीएम बनने जा रहे है तो वहीं एक जैन मुनि होकर लोगो की हत्या कर देने की बात करने वाले ऐसी मानसिकता वाले मुनि के साथ क्या होना चाहिए।
अपने आप को संत बताने वाला एक नीच कह रहा है अंबेडकरवादियों का एनकाउंटर होना चाहिए इसे नही पता जिस दिन अंबेडकरवादी संविधान की बात करना छोड़ देंगे और हर जुल्म की प्रतिक्रिया देने लगेंगे उस दिन पोंगा पाखंडी इस देश मे दिखाई नही देंगे, सारी श्रेष्ठता वीरता पिछवाड़े मे बड़ा दी जाएगी pic.twitter.com/WQu4bk4xvp
— Mukesh kumar (@Mk6401) May 5, 2026
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आरक्षण को जिम्मेदार ठहराया
आप वीडियो में साफ देख सकते है कि वो अंबेडकरवादियों और मुसलमानों पर निशाना साधने के साथ सरकार को भी घेर रहे है.. उन्होंने इसके लिए सीधे दलित और अल्पसंख्यकों को मिलने वाले आरक्षण को जिम्मेदार ठहराया है.. और सीधे तौर पर जो हिंदू धर्म के बारे में उल्टा सीधा बोलते है उनका एनकाउंटर करके सबक सिखाना चाहिए।
मतलब साफ है कि न तो इस देश में कानून का सम्मान है औऱ न ही संविधान का.. और आरक्षण को इसका जिम्मेदार बता कर वो इनडायेरेक्टली आरक्षण को खत्म करने की मांग कर रहे है.. बात बिल्कुल साफ है.. या तो आरक्षण हटाया जाये या फिर आरक्षण लेने वाले दलितो का ही सफाया कर दिया जाये.. न दलित बचेंगे और न आरक्षण की जरूरत होगी.. ऐसे विकृत मानसिकता वाले व्यक्ति के साथ क्या कार्यवाई होनी चाहिए ।



