351 BNS in Hindi: अक्सर ऐसी खबरें सामने आती हैं, जिनमें लोगों को धमकियों के ज़रिए डराया-धमकाया जाता है, या फिर पीड़ित को जान से मारने की धमकी भरे message भेजकर लूटपाट करने की कोशिशें की जाती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा करने पर सजा भी हो सकती है और ऐसे मामले में BNS का कौन सा सेक्शन लागू होता है किस तरह की सज़ा होगी? तो चलिए हम आपको बताते हैं, अगर ऐसा किया जाता है तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) का सेक्शन 351 लागू होता है। तो चलिए इस लेख में जानते है कि ऐसा करने पर कितने साल की सज़ा का प्रावधान है और BNS में इसके बारे में क्या कहा गया है।
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धारा 351 क्या कहती है? BNS Section 351 in Hindi
आज के समय में, टेक्नोलॉजी का दुरूपयोग इतना ज्यादा बढ़ गया है कि ऑनलाइन मेसेज करके लोगो को धमकाया, डराया जाता है लेकिन पकडे जाने पर कड़ी सजा भी होती है… वही जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस (BNS) की धारा 351 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 351 यह सेक्शन उस व्यक्ति पर लागू होता है, जो जानबुझकर सोशल मीडिया (Social Media) एप जैसे whatsapp, फेसबुक पर मेसेज भेजकर किसी को उसकी जान, संपत्ति या प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने की धमकी देकर डराता है।
BNS section 351 important points
- डिजिटल खतरे- इस section में अब फ़ोन, WhatsApp, सोशल मीडिया या ईमेल के माध्यम से पहुँचाए जाने वाले खतरों को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।
- वही इस धारा के तहत अगर कोई गुमनाम रूप से धमकी देता है तो उसे दो साल तक की जेल की सज़ा हो सकती है।
- यह ध्यान देने योग्य है कि यह धारा, पूर्ववर्ती भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 506 के समान है, जिसे अब प्रतिस्थापित कर दिया गया है और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351 के रूप में शामिल किया गया है।
BNS section 351 example
मान लीजिए आपको WhatsApp पर किसी अनजान नंबर से कोई मैसेज आता है, या कोई व्यक्ति पैसे ऐंठने की कोशिश में फ़ोन पर आपको धमकाता या डराता है। घबराकर आप पुलिस को फ़ोन करते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि वह धमकी असल में एक फ्रॉड कॉल थी—ऐसी स्थिति में, मामले की जाँच की जाती है, और यदि दुकानदार दोषी पाया जाता है, तो उसे इस धारा के तहत सज़ा मिल सकती है।
बीएनएस धारा 351 की और सजा
इसके अलावा, BNS की धारा 351 यह तब लागू होती है, जब कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी को धमकी देता है। तो इस सेक्शन के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को crime करने पर 7 साल की कैद और जुर्माना होता है। या फिर दोनों होते है…आपको बता दें, यह एक गैर-संज्ञेय (non-cognizable) अपराध है, इसलिए पुलिस को जाँच के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति चाहिए होती है। इस अपराध में जमानत मिलना भी काफी मुश्किल हैं। वही पुलिस इस अपराध के लिए बिना वारंट के भी आरोपी को गिरफ्तार कर लेती है।



