Punjab latest news: हाल ही में पंजाब से विवादित मामला सामने आया है। जहाँ पंजाब के नांगल नगर परिषद के एक स्कूल का नाम बी.आर. अंबेडकर के नाम पर रखने को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। जिसके बाद दलित समूहों ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है।
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पंजाब में बाबा साहब के नाम पर आप-कांग्रेस भिड़े
पंजाब के नांगल नगर परिषद से खबर आई है, जहां एक स्कूल का नाम बाबा साहब (Babasaheb) के नाम से करने को लेकर आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) और कांग्रेस पार्टी (Congress Party) के बीच तनातनी हो गई है। वहीं इस मामले में हो रही ढील को लेकर दलित संगठनो (Dalit organizations) ने भी कानूनी कार्यवाई करने की चेतावनी दी है। दरअसल पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने खुलासा किया कि नांगल में स्कूल ऑफ़ एमिनेंस’ का नाम दलितों के मसीहा BR अंबेडकर (B.R. Ambedkar) के नाम पर रखने का 3 बार प्रस्ताव दे चुके है लेकिन हर बार कांग्रेस के दवाब के कारण नांगल नगर परिषद इस प्रस्ताव को ठुकरा रही है।
दलित वोटर्स को साधने की कोशिश
वहीं नगर परिषद ने भी आप की मंशा पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि पहली बात तो ये है कि स्कूल के नाम बदलने की शक्ति परिषद के पास है ही नहीं,, वहीं दूसरी तरफ नगर पार्षद परमजीत सिंह ने कहा की चुनाव से पहले इस तह के झूठ बोल कर दलित वोटर्स को साधने की कोशिश अच्छी है लेकिन कम से कम बेहतर होमवर्क तो कर लेते… ऐसी कोई मांग सदन में नही रखी गई.. केवल चुनावी एजेंडा को पूरा करने के लिए झूठ फैला रहे है। इतना है नहीं उन्होंने आगे कहा कि “स्कूल ऑफ़ एमिनेंस का संचालन पंजाब सरकार करती है, और स्कूल का नाम बदलने का एकमात्र अधिकार सरकार के पास ही है।”
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, दोनों ने ही हाल ही में इस संस्थान का दौरा किया था; इससे यह साफ़ ज़ाहिर होता है कि राज्य सरकार को इस पर अपने प्रशासनिक नियंत्रण की पूरी जानकारी है। इसके अलवा उन्होंने ये भी कहा कि स्कूल का नाम बदलने को लेकर को कोई औपचारिक प्रस्ताव नगर परिषद के समक्ष कभी रखा ही नहीं गया।
वहीं दलित संगठन ने चेतावनी दी है कि खई सालों से सुन रह है कि बाबा साहब के नाम से स्कूल होगा..लेकिन केवल बार बार उनका अपमान हो रहा है.. अगर ये सब रोका नहीं गया तो मजबूरन उन्हें कानूनी कार्यवाई करनी होगी। हैरानी की बात है कि ये दलित समुदाय अभी भी ये नहीं समज पा रहा है कि बाबा साहब का नाम लेकर केवल उनका इस्तेमाल ही हो रहा है..तो बेहतर है कि वो एकजुट होकर आवाज उठायें। आपकी इसकी पर क्या राय है।



