Gujrat news: हाल ही में गुजरात से एक दिल दहला देने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जहाँ एक दलित व्यक्ति की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने उसे मिला मुफ्त भोजन पूरा नहीं खाया था। इससे भड़ककर, ‘मनुवादी’ मानसिकता रखने वाले कुछ लोगों ने उस दलित व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर दिया; जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहाँ उसने दम तोड़ दिया।
भोजन पूरा न खाने पर मिली मौत की सजा
गुजरात (Gujrat) के अमरेली (Amerli) से खबर है, जहां मुफ्त का खाना बर्बाद करने पर जातिवादी दबंगो ने दलित युवक को इतनी बुरी तरह से पीटा की उस युवक की मौत ही हो गई। दरअसल, ये घटना 17 अप्रैल की है, जब दलित युवक महेश प्रेमजी राठौड़ अपने बुजुर्ग चाचा की देखभाल करने के लिए शांताबा जनरल अस्पताल (Shantaba General Hospital) गया हुआ था, जहां अस्पताल के पीछ एक संस्था द्वारा चलाई जा रही एक चैरिटी किचन में में खाना खाने गया लेकिन उसकी तबियत खराब होने लगी जिससे उसने खाना पूरा नहीं खाया, मगर संस्था के प्रमुख भरत आचार्य ने महेश पर दवाब बनाया कि वो पूरा खाना खाये नही तो 50 रूपय जुर्माना दें।
हाथ में फ्रैक्चर और शारीर में कई चोट
महेश ने 500 रूपय आगे बढ़ा दिये तो आचार्य ने महेश के जाति और गांव के बारे में पूछा, लेकिन जब महेश ने बताया कि वो दलित जाति से है तो आचार्य भड़क गये औऱ उनके लोगो ने महेश पर प्लास्टिक के पाइप से हमला कर दिया… जिसके बाद गंभीर हालात में उसे ट्रामा सेंटर भर्ती कराया गया। तो पता चला की महेश को हाथ में फ्रैक्चर और कई चोटे पायी गयी है। इलाज के बाद वो 20 अप्रैल को डिस्चार्ज होने वाला था, लेकिन सिर में लगी चोट के कारण उसे बार बार चक्कर आ रहे थे.. इसी दौरान वो गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई।
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अदालत अपना फ़ैसला सुनाएगी
इस घटना में 7 लोगो के खिलाफ SC/ST की तहत मामला दर्ज कर लिया है। लेकिन पुलिस ने अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है वहीं मुकेश परिवार वालो ने शव लेने से इंकार करते हुए जल्द से जल्द आरोपियो की गिरफ्तारी की मांग की है, वहीं पुलिस आगे की कार्यवाई के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। जिसके बाद आरोपियों पर हत्या की धारा भी जोड़ी जायेगी। वही मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकरी के मुतिबिक पुलिस ने बताया हत्या के मामले में BNS की धारा 103 जोड़ दी गयी साथ ही अदालत में याचिका भी दायर कर दी है। अदालत इस मामले पर 23 अप्रैल को फैसला सुनाएगी। हैरानी की बात है जो संस्था सबके लिए है वहां एक दलित जाति का व्यक्ति खाने गया तो उसके साथ आखिर ये बर्बरता क्यों।



