हजारीबाद में दलित महिला को 38 घंटे तक थाने में रखा, महिला को पुलिस वालो ने किया टॉर्चर

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Jharkhand crime news: हाल ही में झारखंड के हजारी बाग से इंसानियत को शर्मशार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दलित महिला को पहले सरकारी वर्दी में पहुंच कर सरकारी नोटिस का डर दिखा कर गाली गलौच की गई उसे अपमानित किया गया, लेकिन जब महिला ने इसका विरोध किया तो उसे और उसके 2 साल के मासूम बच्चे को थाने में बंद करके 38 घंटो तक प्रताड़ित किया गया। इतना ही नहीं उन्हें खाने पीने तक के लिए कुछ नहीं दिया गया।

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38 घंटो तक दलित महिला को किया प्रताड़ित

दरअसल, ये घटना हजारीबाग (Hazaribagh) के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र (Mufassil Police Station Area) की है, जहाँ दलित महिला के साथ कुछ पुलिस वालो ने बर्बरता की। जी हाँ, पीड़िता ने पुलिस की इस बर्बरता की कहानी को सांसद मनीष जायसवाल के सामने सुनाई है। पीड़िता के साथ कई ग्रामीण भी थे। ताकि वह अपने साथ हुई मारपीट और उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करा सके और अपनी आपबीती सुना सके। पीड़िता ने बताया कि केवल नोटिस देने आये पुलिस कर्मियों ने अपनी वर्दी का रसूख दिखाने के लिए दलित महिला के साथ अमानवीय व्यवहार किया। जब कि अभी हाल ही में नए एसपी अमन कुमार (SP Aman Kumar) की नियुक्ति हुई है, ऐस में अब उनके द्वारा संचालित पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे है।

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पीड़िता को दिया आश्वासन

वही इस मामले का संज्ञान लेते हुए, सांसद (MP) मनीष जायसवाल ने पुलिसकर्मियों द्वारा की गई जातिवादी टिप्पणियों और ज़बरन वसूली की कोशिशों को लोकतंत्र पर एक कलंक बताया। साथ ही पीड़िता को आश्वासन दिया है कि आरोपी पुलिस वालो को बख्शा नहीं जायेगा। इतनी ही नहीं उन्होंने खुद डीआईजी अंजनी झा (DIG Anjani Jha) से मुलाकात करके मामले मे सख्त से सख्त कार्यवाई करने की मांग की है। इस बीच, सांसद मनीष जायसवाल ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन इस मामले में पारदर्शिता दिखाने में विफल रहता है, तो उन्हें इस अन्याय के विरुद्ध एक तीव्र जन-आंदोलन शुरू करने के लिए विवश होना पड़ेगा। हैरानी की बात है दलित महिला को 38 घंटे तक थाने में रखा जाता है, उसे टॉर्चर किया जाता है। वो भी एक नोटिस का विरोध करने पर। आखिर कहां है कानून औऱ किस काम के है कानून के रखवाले।

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