Top 5 Dalit news: भीम आर्मी चीफ ने बाबा साहब की मांग को दोहराया, देश में सेपरेट इलेक्टोरेट की रखी मांग

Chandrashekhar Azad, Top 5 Dalit news in Hindi
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Top 5 Dalit news: राजनीतिक ताकत के लिए सबसे पहले दलितों को ही साधा जाता है, लेकिन उसके बाद सबसे ज्यादा अनदेखी भी उन्हीं की होती है। ऐसे में समय आ गया है कि बाबा साहब के उन विचारों पर अमल किया जायें, जिसे पहले नकार दिया गया था। क्या आपको नहीं लगता दलितों की स्थिति को समझने और सुलझाने के लिए उनकी ही प्रतिनीधि होना चाहिए। तो चलिए आपको इस लेख में आपको पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।

मध्य प्रदेश के दामोह में दलित के घोड़ी चढ़ने पर विवाद

1, दलितों से जुड़ा पहला मामला मध्य प्रदेश के दामोह से है, जो दलितों और पिछड़ो के लिए नरक बनता जा रहा है, ताजा मामला दमोह जिले हटा थाना क्षेत्र के बिजोरी पाठक गांव से है, जहां एक दलित ने अपनी बारात में घोड़ी पर चढ़ने की हिम्मत क्या की.. जातिवादी आतंकियों ने  दिव्यांग दूल्हे गोलू अहिरवार को न सिर्फ घोड़ी से उतारा, बल्कि उसे बुरी तरह से मारा भी। इतना ही नहीं बीच बचाव करने आये दूल्हे के परिवार वालो के साथ भी मारपीट की गई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल  हो रहा है।

पीड़ितों के मुताबिक गोलू की बारात छतरपुर जानी थी, लेकिन उससे पहले शाम के वक्त रछवाई रस्म करने के लिए घोड़ी पर चढा था, लेकिन तभी वहां पर  घुप्पू लोधी, विश्वनाथ लोधी, विछु लोधी और चिन्नू लोधी पहुंच गए और उन्होंने ऐलान कर दिया कि रस्म नहीं होगी.. जिसके बाद बात बढ़ी, और चारो आरोपियों ने गोलू को घोड़ी से उतार कर जातिसूचक गालियां देते हुए पीटना शुरु कर दिया।

वहीं इस मारपीट में गोलू की बहन मनीषा भी बुरी तरह से घायल हो गई है औऱ उसके गहने भी गायब है। इस मामले में पुलिस ने तुरंत कार्यवाई शुरु कर दी है,  हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने बताया कि किसी अप्रिय घटना को रोकने को लिए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है साथ ही फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। हालांकि अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। मामले की जांच जारी है।

भीम आर्मी चीफ ने बाबा साहब की मांग को दोहराया

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद को लेकर है, जिन्होंने बाबा साहब के कदमों पर चलते हुए अब उन्होंने भी देश में ‘सेपरेट इलेक्टोरेट’ यानि की अलग निर्वाचक मंडल की मांग शुरु कर दी है। बाबा साहब भी चाहते थे कि दलितो के सम्मान और उनकी समस्याओ को सुलझाने के लिए अलग निर्वाचन मंडल होना चाहिए, लेकिन तब वो महात्मा गांधी के कारण सफल नहीं हो सकें थे, लेकिन अब परिसीमन विधेयक को लागू करने की बात पर आजाद ने अलग निर्वाचन क्षेत्र की मांग रख दी है।

उन्होंने कहा कि इससे केवल  दलित उम्मीदवार ही खड़ें होंगे और उन्हें ही वोट करने का अधिकार होगा.. इस मांग का एक अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो साफ कह रहे है कि जब तक स्वतंत्र प्रतिनीधि चुनने का अधिकार नहीं होगा.. तब तक असली सशक्तिकरण नहीं हो सकता.. सच तो ये है कि पूना पैक्ट के कारण दलितो की शक्ति छीन ली गई है।

आजाद की मांग को पाकिस्तान की राष्ट्रपिता जिन्ना की मांग से कंपेयर किया जा रहा है जब 1916 में उन्होंने मुसलमानो के अलग निर्वाचन क्षेत्र मांगा था और आखिरकार देश का विभाजन हो गया था। आजाद इस मांग पर काफी ट्रोल हो रहे है. कुछ लोग तो ये भी आरोप लगा रहे है कि आजाद देश को फिर से बांटना चाहते है, लेकिन जरा सोचिये जिस मांग को खुद संविधान निर्माता बाबा साहब ने रखा था क्या वो बांटने वाली मानसिकता से प्रेरित थी..वहीं आजाद की ये मांग कहां तक सही है।

आंध्र प्रदेश में दलित युवक की हत्या का आरोपी फरार

3, दलितो से जुड़ा अगला मामला आंध्र प्रदेश के Andhra Pradeshकाकीनाडा का है, जहां एक दलित युवक की हत्या करने के मामले में आरोपी YSRCP MLC अनंता उदय भास्कर ने गवाह को रिश्वत देकर उसका मुंह बंद करने की कोशिस की, लेकिन जब वो सफल नहीं हो सका तो वो फरार हो गया। ये मामला 19 नई 2022 का है, उदय भास्कर ने 26 साल दलित युवक, वीधी सुब्रमण्यम का शव काकीनाडा में उसके परिवार वालों को सौंपा था, और ये बताया था कि उसकी मौत हादसा थी।

दलित युवक आरोपी के यहां ड्राइवर का काम करता था, लेकिन परिवार वालों ने इसे हादसा मानने के बजाय हत्या बता कर मामला दर्ज करा दिया। सर्पावरम पुलिस ने जांच शुरु की थी और 23 मई को भास्कर को गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद दिसंबर 2022 सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तो के साथ उसे जमानत दी थी।

लेकिन अब सामने आया है कि आरोपी ने एक गवाह हो पैसे देकर खरीदने की कोशिश की है, जिसे लेकर पुलिस उसके अपार्टमेंट में गिरफ्तार करने गई थी,, लेकिन वो फरार हो गाया, जिससे हत्या का आरोप पूरी तरह से सिद्ध हो चुका है। अब देखना ये होगा कि पुलिस जांच के बाद क्या सामने आता है, वहीं क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पायेगा।

पंजाब में बाबा साहब के नाम पर आप-कांग्रेस भिड़े

4, दलितों से जुड़ा अगला मामला पंजाब के नांगल से है, जहां एक स्कूल का नाम बाबा साहब के नाम से करने को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्टी के बीच तनातनी हो गई है। वहीं इस मामले में हो रही ढील को लेकर दलित संगठनो ने भी कानूनी कार्यवाई करने की चेतावनी दी है। दरअसल पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने खुलासा किया कि नांगल में स्कूल ऑफ़ एमिनेंस’ का नाम दलितों के मसीहा BR अंबेडकर के नाम पर रखने का 3 बार प्रस्ताव दे चुके है लेकिन हर बार कांग्रेस के दवाब के कारण नांगल नगर परिषद इस प्रस्ताव को ठुकरा रही है।

वहीं नगर परिषद ने भी आप की मंशा पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि पहली बात तो ये है कि स्कूल के नाम बदलने की शक्ति परिषद के पास है ही नहीं,, वहीं दूसरी बात की चुनाव से पहले इस तह के झूठ बोल कर दलित वोटर्स को साधने की कोशिश अच्छी है लेकिन कम से कम बेहतर होमवर्क तो कर लेते। ऐसी कोई मांग सदन में नही रखी गई.. केवल चुनावी एजेंडा को पूरा करने के लिए झूठ फैला रहे है।

वहीं दलित संगठन ने चेतावनी दी है कि खई सालों से सुन रह है कि बाबा साहब के नाम से स्कूल होगा..लेकिन केवल बार बार उनका अपमान हो रहा है। अगर ये सब रोका नहीं गया तो मजबूरन उन्हें कानूनी कार्यवाई करनी होगी। हैरानी की बात है कि ये दलित समुदाय अभी भी ये नहीं समज पा रहा है कि बाबा साहब का नाम लेकर केवल उनका इस्तेमाल ही हो रहा है..तो बेहतर है कि वो एकजुट होकर आवाज उठायें।

करनाल में दलित महिलाओं पर टिप्पणी

5, दलितो से जुड़ा अगला मामला हरियाणा के करनाल से है, जहां दलित महिलाओ के साथ सार्वजनिक तौर पर अभद्र टिप्पणी की जा रही है लेकिन शिकायत के बाद भी प्रशासन नींद से नहीं जागी। ये मामला करनाल के गोंदर गांव से है, जहां दलित जाति से आने वाले युवक सूरज की पुरानी रंजिश के चलते दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई।

इस हत्याकांड के बाद न्याय के लिए दलित समाज के लोग प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान गांव की ही उंची जाति की महिला ने उनपर जातिसूचक टिप्पणी की, जिसके बाद मामला जातिगत भेदभाव औऱ अपमान का हो गया.. दलित समुदाय ने भारी संख्या में सचिवालय पहुंच कर दोषी महिला के खिलाफ कार्यवाई करने की मांग की है। वहीं सूरज के भी केवल एक हत्यारे को पकड़ा गया है बाकि के दो अभी भी फरार है।

दलित समुदाय ने मांग की है कि एससी समाज का अपमान करने वाली महिला रानी देवी को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी होगी.. तभी मामला शांत होगा। वहीं उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी मिल रही है जिस पर कार्यवाई होनी ही चाहिए। जरा सोचिए एक तो दलितों को अपने लिए न्याय बिना सड़को पर उतरे मिलता नहीं है.. औऱ अब वो सड़क पर उतर रहे है तो वहां भी उन्हें बख्शा नहीं जाता। अब देखना ये होगा कि क्या वाकई में दोषी महिला माफी मांगेगी।

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